इस साल अधिकमास मासिक शिवरात्रि 13 जून 2026 को मनाई जाएगी। खास बात यह है कि ज्येष्ठ अधिकमास में मासिक शिवरात्रि का यह दुर्लभ संयोग पूरे 27 साल बाद बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। शिव भक्तों के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तिथि और शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 13 जून को शाम 4 बजकर 8 मिनट से शुरू होगी और 14 जून को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। इस दिन प्रदोष काल शाम 6:34 बजे से 8:04 बजे तक रहेगा, जबकि निशिता काल का शुभ मुहूर्त रात 12:07 बजे से 12:47 बजे तक होगा। शास्त्रों के अनुसार, निशिता काल में शिव पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
गौरी योग बढ़ाएगा शुभता
इस बार मासिक शिवरात्रि पर शनिवार और गौरी योग का भी विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में गौरी योग को बेहद शुभ और दुर्लभ राजयोग माना जाता है। मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को सुख, समृद्धि, अच्छे संबंध और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन की गई पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।
ऐसे करें शिव पूजा
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पंचामृत से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, चंदन, भांग, शमी पत्र और फूल अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘ॐ नमो भगवते रुद्राय’ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। अंत में मां पार्वती को सिंदूर अर्पित कर आरती करें और प्रसाद वितरित करें। मान्यता है कि इससे भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।