हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिकमास भी कहा जाता है, बेहद पवित्र माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और लगभग तीन साल में एक बार आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान किए गए पूजा-पाठ, जप, तप और दान का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक मिलता है। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास का समापन 15 जून को होने जा रहा है। ऐसे में बचे हुए दिनों में कुछ विशेष उपाय करके जीवन की परेशानियों को कम करने और सुख-समृद्धि पाने की कामना की जा सकती है।
विष्णु-लक्ष्मी की कृपा पाने के उपाय
पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करना शुभ माना जाता है। रोजाना श्रद्धा से पूजा करने और भगवान का स्मरण करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। इसके साथ ही शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाना भी लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। जो लोग नियमित रूप से इन उपायों को करते हैं, उनके जीवन में खुशहाली आने की मान्यता है।
गाय सेवा और दान का महत्व
सनातन धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। पुरुषोत्तम मास में गाय को हरा चारा, रोटी या गुड़ खिलाना बहुत शुभ बताया गया है। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसके अलावा इस महीने दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, फल या धन का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि अधिकमास में किया गया दान व्यक्ति के जीवन की कई बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकता है।
ये उपाय भी बदल सकते हैं भाग्य
पुरुषोत्तम मास के शेष दिनों में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना बेहद फलदायी माना गया है। जो लोग पूरा पाठ नहीं कर सकते, वे भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप या नाम स्मरण भी कर सकते हैं। इसके अलावा पीले रंग की वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है। पीले वस्त्र, हल्दी, चना दाल, केसर या पीले फलों का दान करने से भाग्य मजबूत होने और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है। इसलिए 15 जून से पहले इन उपायों को अपनाकर शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं।