अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनावपूर्ण बातचीत में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. ईरान की सेमी-गवर्नमेंट तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ऐसा प्रस्ताव दिया है, जिसमें उसके तेल पर लगे कुछ प्रतिबंध अस्थायी तौर पर हटाने की बात कही गई है. बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव पहले के मुकाबले काफी अलग और नरम है. इससे दुनिया की नजरें अब इस बातचीत पर टिक गई हैं.
ईरान की सबसे बड़ी शर्त
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान किसी भी स्थायी समझौते से पहले अपने ऊपर लगे सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है. तेहरान का कहना है कि अमेरिका को यह भरोसा देना होगा कि भविष्य में भी प्रतिबंधों में राहत जारी रहेगी. हालांकि अमेरिका फिलहाल केवल अस्थायी छूट देने को तैयार दिख रहा है. इसमें OFAC यानी अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय के कुछ प्रतिबंधों में राहत देने की पेशकश शामिल है. अंतिम समझौता होने तक यही व्यवस्था लागू रह सकती है.
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
इस पूरे मामले के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि अगर जल्द शांति समझौता नहीं हुआ तो ईरान के लिए हालात बेहद खराब हो सकते हैं. ट्रंप ने लिखा कि “समय बहुत तेजी से निकल रहा है.” इससे पहले खबर आई थी कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को नया शांति प्रस्ताव भेजा है. हाल ही में पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश भी की थी, लेकिन उससे कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.
कच्चे तेल के दाम घट सकते हैं
अगर अमेरिका सच में ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देता है तो इसका असर सीधे इंटरनेशनल ऑयल मार्केट पर दिख सकता है. एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ईरान का तेल बाजार में लौटने से सप्लाई बढ़ेगी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम होने की उम्मीद भी बढ़ेगी, जिससे तेल सप्लाई आसान होगी. फिलहाल खाड़ी देशों का कच्चा तेल करीब 109 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई तेल 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है.