आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के मैच के दौरान एक विवादित फैसला चर्चा का बड़ा विषय बन गया। पंजाब की पारी के आखिरी ओवर में जसप्रीत बुमराह की गेंद विष्णु विनोद के पैड पर लगी और ऑन फील्ड अंपायर ने तुरंत LBW आउट दे दिया। हालांकि पंजाब किंग्स ने DRS लिया। बॉल ट्रैकिंग में पता चला कि गेंद का इम्पैक्ट ऑफ स्टंप के बाहर था, जिसके बाद फैसला बदल दिया गया और बल्लेबाज़ को नॉट आउट करार दिया गया। लेकिन इस बीच पंजाब को एक रन का नुकसान उठाना पड़ा।
रन क्यों नहीं मिला?
जब गेंद पैड पर लगी थी तब बल्लेबाज़ों ने एक रन पूरा कर लिया था। लेकिन अंपायर ने आउट देते ही गेंद को डेड घोषित कर दिया। बाद में DRS में फैसला पलट गया, फिर भी वह रन पंजाब के खाते में नहीं जोड़ा गया। ICC के मौजूदा नियमों के मुताबिक, अगर अंपायर किसी बल्लेबाज़ को आउट दे देता है तो गेंद उसी समय डेड मानी जाती है। इसलिए बाद में फैसला बदलने पर भी रन वापस नहीं मिलते। यही बात अब विवाद की वजह बन गई है।
अश्विन ने उठाई आवाज
भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस नियम पर खुलकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गलत फैसले की वजह से पंजाब किंग्स को एक रन का नुकसान हुआ और यह नियम तुरंत बदला जाना चाहिए। अश्विन का कहना है कि जैसे IPL में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे अलग नियम लागू किए गए हैं, वैसे ही DRS से जुड़े इस नियम में भी बदलाव किया जा सकता है। उनका मानना है कि अगर अंपायर का फैसला गलत साबित हो जाए तो बल्लेबाज़ी टीम को नुकसान नहीं होना चाहिए।
नियम बदलने से क्या होगा?
अगर भविष्य में यह नियम बदला जाता है तो DRS में फैसला पलटने पर उस गेंद पर बने रन भी टीम के स्कोर में जोड़ दिए जाएंगे। इससे गलत अंपायरिंग फैसलों का असर कम होगा और मैच में ज्यादा निष्पक्षता देखने को मिलेगी। अश्विन की मांग के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तकनीक के दौर में ऐसी स्थिति में टीम को रन से वंचित रखना सही नहीं है। अब देखना होगा कि भारत में क्रिकेट के नियंत्रण बोर्ड इस सुझाव पर क्या फैसला लेता है।