Maharashtra में तूफान बना काल: धार्मिक कार्यक्रम में दीवार गिरी, 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई गंभीर घायल

महाराष्ट्र के सांगली जिले के जत तालुका के मोटेवाडी गांव में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। मरगुबाई देवी के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम से बचने के लिए लोग पास में बने एक निर्माणाधीन स्थल के टीन शेड के नीचे जाकर खड़े हो गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही सेकंड में यह जगह मौत का मंजर बन जाएगी। तेज हवाओं के कारण टीन शेड उखड़कर पास की कच्ची चिरा-ईंट की दीवार से जा टकराया, जिससे दीवार अचानक श्रद्धालुओं के ऊपर गिर पड़ी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

दो बच्चों समेत छह की मौत

इस दर्दनाक हादसे में कुल छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 12 और 13 साल के दो बच्चे भी शामिल हैं, जिससे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, मरने वालों में चार लोग महाराष्ट्र के जत तालुका के रहने वाले थे, जबकि दो श्रद्धालु पड़ोसी राज्य कर्नाटक से कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। कई परिवार अपने परिजनों को तलाशते नजर आए। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोगों की आंखों में इस हादसे का डर साफ दिखाई दे रहा है।

15 घायल, कई की हालत गंभीर

दीवार गिरने से करीब 15 लोग घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। घायलों को पहले जत के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। जिन लोगों की हालत ज्यादा गंभीर थी, उन्हें आगे इलाज के लिए कर्नाटक के विजयपुर और महाराष्ट्र के मिरज के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। प्रशासन ने अस्पतालों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि इलाज में कोई कमी न रहे।

प्रशासन ने शुरू किया एक्शन

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माणाधीन स्थल की दीवार इतनी कमजोर कैसे थी। इस घटना पर विधान परिषद सदस्य गोपीचंद पडलकर ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर इलाज की मांग की। गांव में फिलहाल डर और दुख का माहौल है, जबकि प्रशासन लोगों को हर संभव मदद देने का भरोसा दे रहा है।

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Author: The Hindi Post