होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां ईरान की नेवी ने दो व्यापारी जहाजों पर फायरिंग की। इनमें एक भारतीय जहाज भी शामिल था, जिस पर गोली चलाई गई। यह घटना ओमान के पास हुई बताई जा रही है। इस हमले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट्स में से एक माना जाता है।
भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली को समन भेजा। भारत ने इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। समन मिलने के बाद ईरानी राजदूत तुरंत विदेश मंत्रालय पहुंचे, जहां इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
युद्ध के बीच बढ़ी कंफ्यूजन की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, इस समय ईरान में युद्ध जैसी स्थिति के कारण भ्रम का माहौल है। अलग-अलग सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय की कमी बताई जा रही है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। हालांकि, इस फायरिंग में किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन इससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
फिर बंद हुआ होर्मुज स्ट्रेट
घटना के बाद ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह कदम अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया है। इसके बाद कई जहाजों ने इस रास्ते से गुजरना बंद कर दिया है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।