दुनिया की करीब 76% आबादी ओमेगा-3 की पर्याप्त मात्रा नहीं ले पा रही है। यह एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसे शरीर खुद नहीं बना सकता। इसलिए इसे खाने के जरिए लेना जरूरी होता है। लेकिन ज्यादातर लोग या तो इसके बारे में जानते नहीं हैं या फिर कभी-कभार सप्लीमेंट लेकर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो लंबे समय में नुकसानदेह हो सकता है।
रिसर्च में क्या सामने आया
साल 2025 की एक बड़ी स्टडी में पाया गया कि ज्यादातर लोग EPA और DHA जैसे जरूरी ओमेगा-3 तत्वों की कमी से जूझ रहे हैं। ये दोनों दिल, दिमाग, सूजन कंट्रोल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आज की डाइट में ओमेगा-3 की कमी आम हो गई है, क्योंकि लोग दूसरे पोषक तत्वों पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
लाइफस्टाइल बदलने से बढ़ी समस्या
खानपान की आदतों में बदलाव भी इस कमी की बड़ी वजह है। पहले लोग मछली, मेवे और बीज ज्यादा खाते थे, लेकिन अब प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे शरीर में ओमेगा-6 की मात्रा बढ़ जाती है, जो सूजन और बीमारियों को बढ़ावा देती है। खासकर युवाओं और शाकाहारी लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है।
लक्षण और बचाव के आसान तरीके
ओमेगा-3 की कमी से त्वचा सूखी होना, बाल झड़ना, थकान, मूड स्विंग और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे बचने के लिए हफ्ते में 2 बार मछली खाएं और डाइट में अलसी, चिया सीड्स, अखरोट और सोया प्रोडक्ट्स शामिल करें। जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।