पिछले साल भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के रक्षा ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा काफी कमजोर हो गई। अपनी इसी कमजोरी को दूर करने के लिए अब उसने चीन की ओर रुख किया है। खबर है कि पाकिस्तान अब अपनी वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक खरीदने की तैयारी में है।
एयर डिफेंस को हुआ भारी नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई 2025 में भारत ने आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करते हुए पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया था। इस दौरान कई लड़ाकू विमान और एडवांस रडार सिस्टम नष्ट हो गए थे। इसमें एक Saab Erieye-2000 एडवांस वार्निंग सिस्टम भी शामिल था। इसके अलावा कई एयरबेस और कमांड सेंटर भी क्षतिग्रस्त हुए। इस हमले के बाद पाकिस्तान की हवाई निगरानी क्षमता काफी कमजोर पड़ गई, जिसकी भरपाई करना अब उसके लिए जरूरी हो गया है।
चीन से नई रक्षा डील
अपनी कमजोर पड़ चुकी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान ने चीन के साथ बड़ा रक्षा समझौता किया है। इस डील में Shaanxi KJ-500 जैसे एडवांस एयरबोर्न वार्निंग सिस्टम शामिल हैं। इसके साथ ही J-35A लड़ाकू विमान और HQ-19 मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी खरीदे जा रहे हैं। इस डील का मकसद पाकिस्तान की सेना को आधुनिक और नेटवर्क-आधारित युद्ध के लिए तैयार करना है।
KJ-500 बनेगा नई ‘आंख’
तकनीकी रूप से Shaanxi KJ-500 एक बेहद शक्तिशाली रडार सिस्टम है, जो हवा में उड़ते हुए दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रख सकता है। यह लंबी दूरी से लड़ाकू विमान, मिसाइल और ड्रोन का पता लगाने में सक्षम है। इसके शामिल होने से पाकिस्तान को किसी भी हमले की पहले से चेतावनी मिल सकेगी। इस तरह KJ-500 पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा को नई मजबूती देने वाला अहम हथियार साबित हो सकता है।