India ने रचा इतिहास, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर हुआ सफल, अब कम ईंधन में ज्यादा बिजली, ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी छलांग

भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। तमिलनाडु के कल्पक्कम में बना प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ‘क्रिटिकल’ हो गया है। इसका मतलब है कि अब इसमें परमाणु रिएक्शन अपने आप स्थिर तरीके से चलने लगा है। आसान भाषा में समझें तो यह रिएक्टर अब बिजली बनाने की दिशा में पूरी तरह काम करने के करीब पहुंच गया है।

कैसे काम करता है ये खास रिएक्टर

आम परमाणु रिएक्टर में यूरेनियम से बिजली बनती है और कचरे के रूप में प्लूटोनियम निकलता है। लेकिन इस नए रिएक्टर की खासियत यह है कि यह उसी प्लूटोनियम कचरे को दोबारा ईंधन बनाकर इस्तेमाल करता है। यानी एक तरह से कचरे से ही फिर बिजली बनाई जाती है। इसी वजह से इसे ‘ब्रीडर’ रिएक्टर कहा जाता है, क्योंकि यह खुद अपना ईंधन भी तैयार करता है।

भारत के लिए क्यों है गेमचेंजर

भारत में यूरेनियम बहुत कम है, इसलिए इसे बाहर से मंगाना पड़ता है। लेकिन भारत के पास थोरियम बहुत ज्यादा मात्रा में मौजूद है। यह रिएक्टर भविष्य में थोरियम को भी ईंधन में बदलने में मदद करेगा। इससे भारत को बाहर से महंगा ईंधन खरीदने की जरूरत कम होगी और देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकता है।

भविष्य में ऊर्जा संकट खत्म होने की उम्मीद

यह रिएक्टर होमी भाभा की तीन चरणों वाली परमाणु योजना का अहम हिस्सा है। अगर यह तकनीक पूरी तरह सफल हो जाती है, तो भारत लंबे समय तक कम ईंधन में ज्यादा बिजली बना सकेगा। इससे उद्योग, परिवहन और विकास को बड़ा फायदा मिलेगा और देश में ऊर्जा की कमी लगभग खत्म हो सकती है।

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Author: The Hindi Post