आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक बैठे रहना एक आम आदत बन गई है, लेकिन यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है. रिसर्च के मुताबिक रोज 8 घंटे से ज्यादा बैठने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर जल्दी बूढ़ा दिखने लगता है. वहीं, नींद की कमी भी एजिंग को तेज करती है. 6-8 घंटे की पूरी नींद न लेने से शरीर खुद को रिपेयर नहीं कर पाता, जिससे स्किन, दिमाग और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगते हैं.
तनाव का असर अंदर और बाहर
लगातार तनाव में रहना भी उम्र बढ़ाने की बड़ी वजह है. जब शरीर में लंबे समय तक तनाव रहता है, तो कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो स्किन को नुकसान पहुंचाता है और झुर्रियां जल्दी लाता है. इसके अलावा तनाव दिल, पाचन और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है. अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो यह धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देता है और उम्र का असर जल्दी दिखने लगता है.
स्क्रीन टाइम और पानी की कमी
आजकल मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल भी एजिंग को बढ़ा रहा है. देर रात तक स्क्रीन देखने से नींद का चक्र बिगड़ जाता है और ब्लू लाइट का असर स्किन पर भी पड़ता है. इससे त्वचा बेजान और थकी हुई दिखने लगती है. वहीं, पानी कम पीना भी एक बड़ी गलती है. शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होता है, जिससे स्किन ड्राई और फीकी पड़ जाती है. पर्याप्त पानी पीने से शरीर डिटॉक्स रहता है और त्वचा में नैचुरल ग्लो बना रहता है.
खानपान और लाइफस्टाइल की गलतियां
ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी एजिंग को तेज करता है. इससे शरीर में ग्लाइकेशन बढ़ती है, जो स्किन की इलास्टिसिटी कम कर देती है. इसके अलावा स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को नजरअंदाज करना भी नुकसानदायक है, क्योंकि इससे मसल्स कमजोर होने लगते हैं. वहीं, सोशल कनेक्शन से दूरी बनाना भी सेहत पर असर डालता है. अकेलापन मानसिक और शारीरिक दोनों ही तरह से नुकसान पहुंचाता है. इसलिए संतुलित खानपान, एक्सरसाइज और सामाजिक जुड़ाव बनाए रखना बेहद जरूरी है.