न्यूज़ एजेंसी Reuters और रिसर्च कंपनी Ipsos के सर्वे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट सामने आई है। उनकी रेटिंग घटकर सिर्फ 36 प्रतिशत रह गई, जो उनके दूसरे कार्यकाल की सबसे खराब रेटिंग मानी जा रही है। यानी अब अमेरिका में केवल 36% लोग ही उनके काम से संतुष्ट हैं।
ईरान जंग और महंगाई बना कारण
सर्वे के मुताबिक, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति ने लोगों को नाराज़ किया है। साथ ही पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। एक हफ्ते में ही ट्रम्प की रेटिंग 40% से गिरकर 36% हो गई। लोगों का मानना है कि उन्होंने चुनावी वादा तोड़ा और देश को संघर्ष में धकेल दिया।
जनता का विरोध, पार्टी का समर्थन
सर्वे में सिर्फ 35% लोगों ने ईरान पर कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि 61% लोग इसके खिलाफ हैं। हालांकि रिपब्लिकन पार्टी के नेता और समर्थक अभी भी ट्रम्प के साथ खड़े हैं। लेकिन महंगाई और तेल की कीमतों को लेकर उनकी पार्टी के कुछ वोटर भी नाराज़ नजर आ रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी मुश्किलें
नवंबर में होने वाले US Midterm Elections से पहले ट्रम्प को बड़ा झटका लगा है। फ्लोरिडा में हुए स्पेशल चुनावों में उनकी पार्टी दो सीटें हार गई, जो पहले उनका गढ़ मानी जाती थीं। माना जा रहा है कि ईरान जंग और जनता की नाराज़गी का असर इन चुनावों में साफ दिखाई दे रहा है।