Rail Ticket Booking में बड़ा डिजिटल बदलाव: 88% टिकट अब ऑनलाइन, फर्जी अकाउंट्स पर सख्ती और आधार नियमों से सिस्टम हुआ मजबूत

अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि अब देश में करीब 88% रिजर्व रेलवे टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। यह आंकड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। IRCTC इस सिस्टम को बेहतर बनाए रखने और लगातार अपग्रेड करने के लिए यूजर्स से एक छोटा कंवीनियंस शुल्क भी लेता है।

नए नियम: आधार वेरिफिकेशन जरूरी

सरकार ने टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं। 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट सिर्फ आधार वेरिफाइड यूजर्स ही वेबसाइट या ऐप के जरिए बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, जनरल रिजर्वेशन खुलने के पहले दिन भी ऑनलाइन टिकटिंग केवल आधार सत्यापित यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि, जिन लोगों ने आधार लिंक नहीं किया है, उनके अकाउंट बंद नहीं किए गए हैं।

ऑनलाइन बनाम काउंटर टिकट आंकड़े

2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, ऑनलाइन टिकट बुकिंग पूरी तरह हावी हो चुकी है। फरवरी तक करीब 48.25 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक किए गए, जबकि काउंटर से सिर्फ 6.15 करोड़ टिकट लिए गए। इससे साफ है कि यात्री अब सुविधा और तेजी के कारण डिजिटल माध्यम को ज्यादा पसंद कर रहे हैं और पारंपरिक काउंटर सिस्टम पीछे छूटता जा रहा है।

फर्जी अकाउंट्स पर सख्ती और सुरक्षा

रेलवे ने फर्जी टिकट बुकिंग और दलाली रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। 2025 में करीब 3.04 करोड़ फर्जी यूजर आईडी बंद की गईं और 2.94 करोड़ अकाउंट्स को सस्पेंड किया गया। साथ ही एंटी-बॉट तकनीक और CDN सिस्टम के जरिए 64% संदिग्ध ट्रैफिक को रोका गया है। 4.07 लाख संदिग्ध PNR की पहचान भी की गई है। सरकार का कहना है कि सिस्टम को और पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए काम लगातार जारी है।

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Author: The Hindi Post