गुरुवार शाम को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना ₹8,810 गिरकर ₹1,44,215 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो फरवरी की शुरुआत के बाद सबसे निचला स्तर है। मार्च महीने में अब तक सोना करीब 11% टूट चुका है और इस साल का कुल रिटर्न घटकर लगभग 6.60% रह गया है। वहीं चांदी में गिरावट और भी तेज रही, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
चांदी में और ज्यादा कमजोरी
चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई और यह ₹25,500 टूटकर ₹2,22,234 प्रति किलो पर पहुंच गई, जो दिसंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है। मार्च में अब तक चांदी करीब 21% गिर चुकी है और लगातार दूसरे महीने गिरावट की ओर बढ़ रही है। इससे साफ है कि इस समय दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है और बाजार में कमजोरी का माहौल है।
गिरावट की बड़ी वजह क्या है
आमतौर पर जियो-पॉलिटिकल तनाव के समय सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। Federal Reserve ने ब्याज दरों में कटौती को टाल दिया है, जिससे निवेशकों का रुझान इन धातुओं से हट रहा है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने साफ कहा है कि महंगाई कम होने तक दरों में कटौती मुश्किल है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते तेल-गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई का खतरा भी बढ़ गया है।
डॉलर की मजबूती और आगे का अनुमान
तनाव के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे डॉलर मजबूत हो गया है। इसका सीधा असर सोना-चांदी की मांग पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में भी सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, क्योंकि महंगाई, ब्याज दर और डॉलर की मजबूती जैसे फैक्टर आगे भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।