प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भोपाल में बड़ी कार्रवाई करते हुए जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर किशन मोदी की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 20.59 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में की गई है। इस केस की शुरुआत 29 अगस्त 2023 को हबीबगंज थाने में दर्ज FIR और 22 जुलाई 2024 को EOW भोपाल में दर्ज एक अन्य FIR से हुई थी। इन दोनों शिकायतों के आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की और धीरे-धीरे मामले की परतें खुलती गईं।
डेयरी प्रोडक्ट्स में मिलावट का खुलासा
जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी “Milk Magic” ब्रांड के नाम से डेयरी उत्पाद बनाकर बाजार में बेच रही थी। लेकिन इन प्रोडक्ट्स में भारी मिलावट की जा रही थी। असली दूध की फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक केमिकल्स मिलाए जा रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि ये मिलावटी उत्पाद केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जा रहे थे। इससे यह मामला केवल स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़ा हुआ पाया गया।
फर्जी रिपोर्ट से लिया एक्सपोर्ट लाइसेंस
ED की जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने एक्सपोर्ट की अनुमति पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। कंपनी ने नामी लैब्स के नाम पर नकली टेस्ट रिपोर्ट तैयार की और उन्हें Export Inspection Agency (EIA), इंदौर में जमा कराया। जब इन रिपोर्ट्स की सच्चाई जांची गई तो संबंधित लैब्स ने साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी की है। इससे साफ हो गया कि कंपनी ने पूरी तरह से फर्जीवाड़ा कर सरकारी एजेंसियों को गुमराह किया और अवैध तरीके से निर्यात की मंजूरी हासिल की।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
ED के अनुसार, इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनी ने मिलावटी उत्पादों का निर्यात कर करीब 20.59 करोड़ रुपये की कमाई की। यह रकम Axis Bank और HDFC Bank के खातों में जमा की गई, जिसे एजेंसी ने “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” माना है। इससे पहले 13 मार्च 2026 को ED ने कंपनी के MD किशन मोदी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद 18 मार्च को कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।