New Paint सिर्फ सुंदरता नहीं, सेहत के लिए भी खतरा! कमरे में छिपे केमिकल बन सकते हैं खांसी और सांस की समस्या का कारण

नया पेंट हुआ कमरा देखने में बहुत साफ, चमकदार और ताजगी भरा लगता है। दीवारों की चमक और नएपन का एहसास अच्छा लगता है। लेकिन पेंट के बाद जो तेज और केमिकल जैसी गंध आती है, वह सिर्फ नए पेंट की खुशबू नहीं होती। दरअसल यह गंध हवा में घुलने वाले कुछ केमिकल्स की वजह से होती है, जिन्हें वीओसी यानी वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड कहा जाता है। ये केमिकल पेंट, वार्निश, थिनर और चिपकाने वाले पदार्थों में पाए जाते हैं। इनमें फॉर्मल्डिहाइड, बेंजीन और टोल्यून जैसे तत्व शामिल होते हैं। पेंटिंग के दौरान ये केमिकल हवा में मिल जाते हैं और सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं। यही वजह है कि कई बार पेंट के बाद कुछ लोगों को खांसी या गले में जलन महसूस होने लगती है।

सांस की नलियों पर पड़ सकता है असर

डॉक्टरों के अनुसार वीओसी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर जब इनका असर लंबे समय तक हो। जब ये केमिकल सांस के जरिए शरीर में जाते हैं, तो ये ब्रॉन्कियल ट्यूब्स में सूजन पैदा कर सकते हैं और म्यूकस बढ़ा सकते हैं। इससे सांस की नलियां थोड़ी संकरी हो जाती हैं। इसके कारण सूखी खांसी, घरघराहट, गले में खराश या हल्का सांस फूलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सामान्य रूप से स्वस्थ वयस्कों में ये समस्या कुछ समय बाद कम हो सकती है, लेकिन अगर बार-बार ऐसे केमिकल के संपर्क में आएं तो सांस की नलियां ज्यादा संवेदनशील हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों, धूम्रपान करने वालों और अस्थमा के मरीजों में इसका खतरा ज्यादा माना जाता है।

कब करवानी चाहिए जांच

अगर पेंटिंग के बाद खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी 3 से 4 हफ्ते तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसी स्थिति में लंग फंक्शन टेस्ट कराया जा सकता है, जिससे फेफड़ों की स्थिति का पता चलता है। खराब वेंटिलेशन भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। अगर घर में खिड़कियां बंद रहती हैं, सिर्फ एसी चलता है या मौसम में ज्यादा नमी होती है, तो केमिकल कमरे के अंदर ही फंसे रह जाते हैं। ऐसे में क्रॉस-वेंटिलेशन बहुत जरूरी होता है। यानी कमरे की एक से ज्यादा खिड़कियां खोलकर हवा को अंदर-बाहर होने देना चाहिए, ताकि केमिकल जल्दी बाहर निकल सकें।

पेंटिंग के दौरान कैसे रखें सावधानी

पेंट से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए कुछ आसान सावधानियां अपनाई जा सकती हैं। कोशिश करें कि घर के लिए लो-वीओसी या नो-वीओसी पेंट का इस्तेमाल किया जाए। पेंटिंग के दौरान मास्क पहनना भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा पेंट होने के बाद कमरे को कम से कम 48 से 72 घंटे तक खुला रखना चाहिए, ताकि हवा का सही प्रवाह बना रहे। अगर संभव हो तो छोटे बच्चों और बुजुर्गों को कुछ दिन के लिए दूसरे कमरे या जगह पर रखें। याद रखें, घर की खूबसूरती महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी आपकी और आपके परिवार की सेहत है।

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Author: The Hindi Post