Sanjay Kapoor Will Dispute: हजारों करोड़ की संपत्ति पर बड़ा विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी वसीयत की फॉरेंसिक जांच की अनुमति, अब बढ़ेगी कानूनी लड़ाई

बॉलीवुड और बिजनेस जगत से जुड़ा एक बड़ा वसीयत विवाद इन दिनों चर्चा में है। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर परिवार में कानूनी लड़ाई चल रही है। यह विवाद उनकी मृत्यु के बाद सामने आई वसीयत से शुरू हुआ, जिसमें संपत्ति के बंटवारे का जिक्र था। मामला तब और गंभीर हो गया जब परिवार के कुछ सदस्यों ने वसीयत की वैधता पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब इस पूरे मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए वसीयत के फॉरेंसिक निरीक्षण की अनुमति दे दी है, जिससे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

बच्चों ने उठाए वसीयत पर सवाल

यह कानूनी लड़ाई तब शुरू हुई जब करिश्मा कपूर से संजय कपूर के बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर ने वसीयत की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि वसीयत में उनके अधिकारों की अनदेखी की गई है। अदालत ने 26 फरवरी 2026 को आदेश दिया कि 10 मार्च को वसीयत का सीलबंद मूल दस्तावेज खोला जाएगा और उसकी जांच फॉरेंसिक व हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की मौजूदगी में होगी। इस जांच में संजय कपूर की मां रानी कपूर को भी शामिल होने की अनुमति दी गई है।

सीलबंद दस्तावेज की होगी जांच

वसीयत फिलहाल अदालत की रजिस्ट्री में सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखी गई है। अदालत ने साफ कहा है कि दोनों पक्षों के विशेषज्ञ जांच के दौरान मौजूद रह सकते हैं, लेकिन दस्तावेज की फोटो या कॉपी बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मामले में प्रिया सचदेवा कपूर की ओर से कुछ आपत्तियां भी उठाई गई थीं, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया। उनके वकीलों की मौजूदगी जरूरी बताई गई है, लेकिन अनुपस्थित रहने पर भी जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। इस आदेश के बाद अब पूरे परिवार की नजर जांच के नतीजों पर टिकी है।

संपत्ति और आरोपों का बड़ा मामला

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि रानी कपूर दिवंगत डॉ. सुरिंदर कपूर की संपत्ति की प्रमुख उत्तराधिकारी हैं, जिनका कई व्यवसायों पर नियंत्रण था, जिनमें सोना ग्रुप ऑफ कंपनियां भी शामिल है। आरोप यह भी लगाया गया है कि वसीयत में गड़बड़ी की कोशिश की गई। बच्चों ने अदालत में दीवानी मुकदमा दायर कर दावा किया कि उनकी सौतेली मां ने संपत्ति के बंटवारे को प्रभावित करने की कोशिश की। अब फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वसीयत असली है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है।

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Author: The Hindi Post