कई लोगों को जब आंखों के ऊपर या माथे में दर्द होता है तो वे इसे सीधे सिरदर्द या माइग्रेन समझ लेते हैं। कई बार लोग न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेते हैं और सीटी स्कैन तक करवा लेते हैं, लेकिन रिपोर्ट सामान्य आती है। ऐसे में डॉक्टर बताते हैं कि हर बार ये दिमाग से जुड़ी समस्या नहीं होती। कई मामलों में यह आंखों की कमजोरी या चश्मे का गलत नंबर होने की वजह से भी हो सकता है। यानी अगर दर्द आंखों के आसपास या माथे तक सीमित है तो सबसे पहले आंखों की जांच जरूरी है।
नजर कमजोर होने पर कैसे होता है दर्द
सफदरजंग अस्पताल के सीनियर रेजिडेंट डॉ. दीपक सुमन के मुताबिक आंखों के ऊपर दर्द का बड़ा कारण चश्मे का नंबर सही न होना है। कई लोग लंबे समय तक पुराना चश्मा इस्तेमाल करते रहते हैं, जबकि उनकी नजर बदल चुकी होती है। इससे आंखों पर ज्यादा दबाव पड़ता है और दर्द माथे तक फैल सकता है। इसके साथ सिर भारी लगना, धुंधला दिखना या आंखों में थकान जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। अगर ये संकेत दिख रहे हैं तो समझ लें कि समस्या नजर से जुड़ी हो सकती है।
कब हो सकती है दिमाग से जुड़ी परेशानी
अगर दर्द सिर्फ आंखों के ऊपर या माथे तक सीमित है तो ज्यादातर मामलों में यह आंखों से जुड़ा होता है। लेकिन कुछ खास लक्षण दिखें तो सावधान रहना जरूरी है। जैसे तेज सिरदर्द जो पीछे गर्दन तक फैल जाए, बार-बार चक्कर आएं, उल्टी हो या शरीर का कोई हिस्सा सुन्न हो जाए। ऐसे लक्षण गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति दिमाग में सूजन या ट्यूमर जैसी समस्या से भी जुड़ी हो सकती है। ऐसे में तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से जांच करानी चाहिए।
बचाव और सही डॉक्टर से सलाह जरूरी
अगर केवल नजर कमजोरी के लक्षण हैं तो सीधे न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाने के बजाय आंखों के डॉक्टर से जांच कराएं। नियमित जांच से समय रहते नंबर बदला जा सकता है और समस्या बढ़ने से रोकी जा सकती है। बचाव के लिए हर 6 महीने में आंखों का चेकअप कराएं, स्क्रीन टाइम कम रखें और 20-20-20 नियम अपनाएं यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें। साथ ही संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है।