दुनिया की जानी-मानी बीयर कंपनी कार्ल्सबर्ग A/S जल्द ही भारत के शेयर बाजार में एंट्री कर सकती है। खबर है कि कंपनी करीब 700 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6400 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकती है। इसके लिए कंपनी ने तीन बड़े निवेश बैंकों कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी और सिटीग्रुप इंक. को एडवाइजर नियुक्त किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस मई की शुरुआत में फाइल हो सकता है और साल के अंत तक शेयर बिक्री की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
भारत में लिस्टिंग का बढ़ता ट्रेंड
कार्ल्सबर्ग की संभावित लिस्टिंग उस ट्रेंड का हिस्सा है जिसमें बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भारतीय बाजार में लिस्ट होकर ऊंचा वैल्यूएशन हासिल करना चाहती हैं। हाल के वर्षों में हुंडई मोटर कंपनी, LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंक. और कैरारो इंडिया लिमिटेड जैसी कंपनियां भारतीय निवेशकों तक पहुंचने के लिए लिस्टिंग कर चुकी हैं। इसके अलावा पर्नोड रिकार्ड SA भी अपने भारतीय बिजनेस की लिस्टिंग पर विचार कर रही है। यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक कंपनियों के लिए बड़ा निवेश केंद्र बन चुका है।
बीयर मार्केट में मजबूत पकड़
कार्ल्सबर्ग भारत में पहले से ही मजबूत स्थिति में है। कंपनी की भारतीय यूनिट देश की दूसरी सबसे बड़ी ब्रूअर मानी जाती है और बीयर बाजार में लगभग 22 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 तक खत्म हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी ने करीब 90 अरब रुपये का राजस्व हासिल किया। कंपनी का कहना है कि शेयरधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने के कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें आईपीओ भी शामिल है, हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
निवेशकों को नए सेक्टर में निवेश का मौका
अगर यह आईपीओ आता है तो भारतीय शेयर बाजार में एक और बड़ी विदेशी कंपनी जुड़ जाएगी। इससे निवेशकों को नए सेक्टर में निवेश का मौका मिलेगा और बाजार की गहराई भी बढ़ेगी। हालांकि आईपीओ का आकार, ढांचा और टाइमिंग अभी तय नहीं है और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में मजबूत निवेशक आधार और तेज आर्थिक विकास वैश्विक कंपनियों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं।