Trump को सुप्रीम झटका, ग्लोबल टैरिफ गैरकानूनी घोषित, व्यापार नीति पर बड़ा असर

संयुक्त राज्य सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया के कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय आपातकाल की शक्तियों का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर व्यापारिक टैरिफ लगाना सही नहीं था। यह फैसला उस नीति पर सीधा झटका माना जा रहा है, जिसके तहत अमेरिका ने कई देशों से आयात होने वाले सामान पर भारी शुल्क लगाया था। कोर्ट ने साफ किया कि इमरजेंसी पावर का दायरा सीमित है और इसका इस्तेमाल हर आर्थिक फैसले के लिए नहीं किया जा सकता।

कारोबारियों और राज्यों ने दी थी चुनौती

इन टैरिफ के खिलाफ कई कारोबारियों और 12 अमेरिकी राज्यों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। निचली अदालतों ने पहले ही मान लिया था कि ट्रंप प्रशासन ने आपातकाल से जुड़े कानून की शक्तियों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया। अमेरिकी संविधान के मुताबिक टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी कांग्रेस के पास होता है, न कि राष्ट्रपति के पास। पहले भी राष्ट्रपति इमरजेंसी कानून का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में इसका उपयोग प्रतिबंध या नियंत्रण लगाने के लिए हुआ था, न कि बड़े स्तर पर आयात शुल्क लागू करने के लिए।

व्यापार घाटे को बताया था राष्ट्रीय आपातकाल

ट्रंप ने लगातार बढ़ते व्यापार घाटे को राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए इसे राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने कई देशों से आयात होने वाले सामान पर जवाबी टैरिफ लगाए। इनमें चीन, कनाडा और मेक्सिको जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदार भी शामिल थे। उन्होंने अवैध दवाओं की तस्करी जैसे मुद्दों को भी आपातकाल से जोड़ते हुए कड़े आर्थिक कदम उठाए थे। लेकिन अदालत ने माना कि इन कारणों से टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं मिल जाता।

आर्थिक नीति पर पड़ेगा बड़ा असर

यह मामला ट्रंप की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा था और सीधे देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान अलग-अलग विचारधारा वाले जजों ने भी सरकार की दलीलों पर सवाल उठाए थे। कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि इमरजेंसी पावर की सीमा तय है और इसका इस्तेमाल व्यापार नीति बदलने के लिए नहीं किया जा सकता। इस निर्णय का असर भविष्य की अमेरिकी व्यापार नीतियों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि अब बड़े आर्थिक फैसलों के लिए संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।

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Author: The Hindi Post