Health Tips: सेहत और परंपरा का अनोखा संगम पान, जानिए किन चार लोगों के लिए बन सकता है यह खास लाभकारी

पान भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर सामाजिक परंपराओं तक, पान का उपयोग सदियों से होता आ रहा है। आयुर्वेद और प्राचीन ग्रंथों में भी पान के पत्तों का उल्लेख मिलता है। बताया जाता है कि पान का इतिहास करीब पांच हजार साल पुराना है। पान शब्द संस्कृत के पर्ण से निकला है, जिसका अर्थ पत्ता होता है। सांस्कृतिक पहचान से आगे बढ़कर पान को सेहत के लिहाज से भी उपयोगी माना गया है। यही वजह है कि आज भी कई घरों में पान को शुभ और लाभकारी माना जाता है।

किन लोगों के लिए फायदेमंद है पान

पान के पत्ते खास तौर पर चार तरह के लोगों के लिए लाभकारी माने जाते हैं। पहला, जिन्हें पाचन से जुड़ी समस्या रहती है, उनके लिए पान चबाना मददगार हो सकता है। दूसरा, मुंह की बदबू या ओरल हेल्थ की समस्या से जूझ रहे लोगों को पान के एंटीमाइक्रोबियल गुण लाभ पहुंचाते हैं। तीसरा, जिन लोगों को कब्ज या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उन्हें पान से राहत मिल सकती है। चौथा, वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी पान के पत्ते सहायक माने जाते हैं, जब इनका सेवन सही मात्रा में किया जाए।

पान के पत्तों के सेहत लाभ

पान के पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। खाने के बाद पान चबाने से पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है और मुंह लंबे समय तक फ्रेश रहता है। आयुर्वेद के अनुसार पान दर्द को कम करने और शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक हो सकता है। कुछ लोग खाली पेट पान के पत्ते चबाते हैं, तो कुछ इसे चाय या अन्य पेय के रूप में लेते हैं। पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह की रेसिपी में पान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

पान ठंडाई और सेवन की सावधानी

पान के पत्तों से ठंडाई बनाना बेहद आसान है। इसके लिए पान का पत्ता, गुलकंद, दूध, वनीला एसेंस और ठंडाई पाउडर लिया जाता है। ठंडाई पाउडर को पहले पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद पान के पत्ते धोकर दूध या पानी के साथ मिक्सर में ब्लेंड करें। स्मूद मिश्रण तैयार होने पर इसे ठंडा करके बर्फ के साथ परोसें। हालांकि पान से जुड़े फायदे सामान्य जानकारी पर आधारित हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या नियमित सेवन से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra