आज के समय में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ब्लड शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और जोड़ों का दर्द अब आम समस्याएं बन चुकी हैं। ऐसे में लोग महंगे इलाज के साथ-साथ घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर भी रुख कर रहे हैं। भारतीय रसोई में मौजूद कलौंजी एक बार फिर इसी वजह से चर्चा में है। देखने में मामूली लगने वाली यह काली बीज सदियों से आयुर्वेद में इस्तेमाल होती आ रही है और अब आधुनिक हेल्थ एक्सपर्ट भी इसके फायदों पर बात कर रहे हैं।
हार्वर्ड ट्रेन डॉक्टर की राय
हार्वर्ड से प्रशिक्षित डॉक्टर सौरभ सेठी ने हाल ही में एक वीडियो के जरिए कलौंजी के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में जानकारी दी है। डॉ. सेठी सोशल मीडिया पर हेल्थ और फिटनेस से जुड़े कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। उनके मुताबिक कलौंजी कई स्वास्थ्य समस्याओं में मददगार हो सकती है, लेकिन इसका सेवन सभी के लिए सही नहीं है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी चीज को औषधि मानकर जरूरत से ज्यादा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
पोषक तत्वों से भरपूर कलौंजी
कलौंजी के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें थाइमोक्विनोन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, फाइबर, फैटी एसिड, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, जिंक और विटामिन ए, बी और सी मौजूद होते हैं। डॉ. सेठी के अनुसार कलौंजी ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद हेल्दी फैट खराब कोलेस्ट्रॉल को बैलेंस करने में सहायक होते हैं। साथ ही यह इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारकर ब्लड शुगर कंट्रोल में भी मदद कर सकती है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
डॉ. सेठी का कहना है कि कलौंजी को चमत्कारी उपाय मानकर हर किसी को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि कलौंजी का पानी पीने से वजन तेजी से कम होता है, लेकिन इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है। किडनी और लिवर से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को कलौंजी से बचना चाहिए। फैटी लिवर की समस्या में भी इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। एक्सपर्ट के अनुसार दिन में एक चम्मच से ज्यादा कलौंजी का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि सीमित मात्रा में ही यह फायदेमंद रहती है।