ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित ब्लैक स्वान समिट के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आम लोगों के फायदे से जोड़ना है। राष्ट्रपति के अनुसार, यह मंच ग्लोबल AI एक्सपर्टीज और आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारत और दुनिया के कल्याण के लिए इस्तेमाल करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत AI को समावेशी विकास का रणनीतिक हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
100 देशों की भागीदारी की उम्मीद
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि इंडिया AI इम्पैक्ट समिट इसी महीने नई दिल्ली में आयोजित होगा और इसमें करीब 100 देशों के शामिल होने की उम्मीद है। यह भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और तकनीकी ताकत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समिट भारत को AI के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस आयोजन के जरिए भारत न केवल नई तकनीकों पर चर्चा करेगा, बल्कि वैश्विक सहयोग और साझा समाधान पर भी जोर देगा।
समावेशी AI पर दिया जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि AI का इस्तेमाल उन वर्गों तक अवसर पहुंचाने के लिए होना चाहिए, जो अब तक तकनीकी विकास से वंचित रहे हैं। उन्होंने शासन, स्वास्थ्य और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में AI अपनाने के लिए ओडिशा सरकार के प्रयासों की सराहना की। साथ ही उन्होंने AI को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर बताया। हालांकि, उन्होंने डीपफेक, गलत सूचना और साइबर धोखाधड़ी जैसे खतरों को लेकर भी आगाह किया और जिम्मेदार AI उपयोग पर बल दिया।
19-20 फरवरी को होगा शिखर सम्मेलन
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 भारत में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन होगा। यह कार्यक्रम 19 और 20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा 16 से 20 फरवरी तक प्रदर्शनी और अन्य गतिविधियां चलेंगी। इस दौरान 300 से अधिक प्रदर्शक और 500 से ज्यादा AI स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे। 18 फरवरी को IIIT-हैदराबाद के सहयोग से AI अनुसंधान पर विशेष चर्चा भी की जाएगी।