युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर का नया मुख्यमंत्री चुना गया है. उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता बनाया गया है. बुधवार शाम मणिपुर राजभवन में वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ गोविंद दास को राज्य का गृह मंत्री बनाए जाने की तैयारी है, जबकि सरकार में दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे. खेमचंद सिंह मेतई समुदाय से आते हैं और सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं. वे पेशे से इंजीनियर रहे हैं और लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं.
बीजेपी ने तेज की सरकार गठन प्रक्रिया
मणिपुर में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है और राष्ट्रपति शासन हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. बीजेपी ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को ऑब्जर्वर नियुक्त किया था. इसी क्रम में दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से नेता चुना गया. तरुण चुग और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी. माना जा रहा है कि 4 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा.
रेस में बड़े नाम, खेमचंद ने मारी बाजी
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में गोविंद दास और टी. विश्वजीत सिंह सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे थे. गोविंद दास सात बार के विधायक हैं और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का समर्थन भी हासिल था. इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने खेमचंद सिंह पर भरोसा जताया. बताया गया कि पहले विधायक दल की बैठक इंफाल में होनी थी, लेकिन कुकी समुदाय से जुड़े विधायकों ने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत पर जोर दिया, जिसके बाद बैठक दिल्ली में हुई.
हिंसा, राष्ट्रपति शासन और सियासी गणित
मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा के दौर से गुजर रहा है. मैतेई और कुकी समुदाय के बीच संघर्ष में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हुए. इसी तनाव के बीच 13 फरवरी 2025 को पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे अगस्त 2025 में छह महीने के लिए बढ़ाया गया. 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 37 विधायक हैं, जबकि एनडीए सहयोगियों एनपीपी के 6 और एनपीएफ के 5 विधायक हैं. अब नई सरकार से राज्य में स्थिरता की उम्मीद की जा रही है.