Budget से पहले उद्योग जगत की बड़ी मांगें सामने, मेटल से कपड़ा तक क्या मिलेगा राहत पैकेज?

देश का आम बजट कुछ ही घंटों में संसद में पेश होने वाला है. ऐसे में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक सभी की नजरें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हुई हैं. कारोबारी वर्ग यह जानना चाहता है कि यह बजट उनकी लागत कम करेगा या नई चुनौतियां खड़ी करेगा. व्यापार जगत का मानना है कि अगर सरकार सही नीतिगत फैसले लेती है, तो अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी और बाजार में भरोसा बढ़ेगा. यही वजह है कि बजट से पहले उद्योग जगत की आवाजें तेज हो गई हैं.

मेटल इंडस्ट्री को टैक्स राहत की आस

मेटल और स्टील उद्योग को देश के विकास की रीढ़ माना जाता है. मेटल एंड स्टील मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदन भंसाली का कहना है कि सरकार को इस सेक्टर पर खास ध्यान देना चाहिए. उनका मानना है कि अगर मेटल इंडस्ट्री को टैक्स में राहत और नीतियों में सरलता मिलती है, तो निर्माण लागत घटेगी. इससे घर, वाहन और रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं. कच्चा माल सस्ता होने से महंगाई पर भी नियंत्रण संभव है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा.

कपड़ा उद्योग में जीएसटी सुधार की मांग

कपड़ा उद्योग देश का एक बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है. कपड़ा व्यापारी गणपत कोठारी ने धागे यानी यार्न पर लगने वाले जीएसटी को लेकर चिंता जताई है. व्यापारियों का कहना है कि टैक्स का मौजूदा ढांचा इस उद्योग पर बोझ डाल रहा है. यदि धागे पर टैक्स कम किया जाता है, तो कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी. इससे घरेलू बाजार में कीमतें घटेंगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कपड़ा अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा. लंबे समय में सरकार को टैक्स कलेक्शन भी बढ़ सकता है.

सराफा और MSME सेक्टर की बड़ी उम्मीदें

सराफा बाजार भी बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है. व्यापारी सुभाष वडाला का मानना है कि सोने-चांदी की खरीद को बढ़ावा देने वाले कदम बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ा सकते हैं. वहीं MSME सेक्टर, जिसे देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन कहा जाता है, सरकार से आसान नियम और प्रोत्साहन की मांग कर रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अगर नई यूनिट्स शुरू करना आसान हुआ, तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra