Health Care: वजन घटाने के चक्कर में कहीं बीमार न पड़ जाएं! एप्पल साइडर विनेगर को लेकर एक्सपर्ट का बड़ा खुलासा

आजकल वजन घटाने के नाम पर सोशल मीडिया पर कई तरह के ट्रेंड चल रहे हैं। लोग बिना डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह लिए ऐसे उपाय अपनाने लगते हैं, जो उनकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। रील्स और वीडियो देखकर लोग तेजी से वजन घटाने की उम्मीद में अजीब-गरीब चीजें ट्राई कर रहे हैं। जबकि सच यह है कि वजन कम करना एक धीमी और लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। इसमें डाइट, एक्सरसाइज और सही लाइफस्टाइल का बहुत बड़ा रोल होता है। इन्हीं ट्रेंड्स में एक नाम है- एप्पल साइडर विनेगर।

एप्पल साइडर विनेगर क्या होता है?

एप्पल साइडर विनेगर सेब के रस से बनता है। पहले सेब के जूस में मौजूद नेचुरल शुगर फर्मेंट होकर अल्कोहल में बदल जाती है। इसके बाद उसमें बैक्टीरिया एक्टिव होकर इसे एसिटिक एसिड में बदल देते हैं। यही एसिड सिरके की असली ताकत माना जाता है। लंबे समय से इसे घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन आज इसे तेजी से वजन घटाने वाला ड्रिंक बताकर प्रमोट किया जा रहा है, जो पूरी तरह सही नहीं है।

वेट लॉस में क्यों खतरनाक है एसीवी?

सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा के मुताबिक, एप्पल साइडर विनेगर को सोशल मीडिया पर फैट बर्निंग ड्रिंक बताना भ्रामक है। इसमें मौजूद एसिटिक एसिड भूख को कुछ हद तक दबा सकता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह फैट बर्न नहीं करता। जो वजन कम होता है, वह ज्यादातर पानी की कमी से होता है, न कि फैट से। यह वेट लॉस टिकाऊ नहीं होता और कुछ समय बाद वापस बढ़ सकता है। साथ ही, इससे शरीर पर बुरा असर भी पड़ सकता है।

ज्यादा सेवन के नुकसान और सही तरीका

अगर कोई व्यक्ति रोज खाली पेट ज्यादा मात्रा में एप्पल साइडर विनेगर पीता है, तो इससे पेट की परत को नुकसान पहुंच सकता है। एसिडिटी, गैस, गले में जलन और दांतों के इनेमल को नुकसान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक लेने से पोटेशियम लेवल गिर सकता है, जिससे कमजोरी, थकान और दिल से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। डायबिटीज और किडनी के मरीजों के लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हेल्दी वेट लॉस का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही डाइट, प्रोटीन, फाइबर, एक्सरसाइज, अच्छी नींद और संतुलित जीवनशैली ही इसका असली तरीका है। अगर एसीवी लेना भी है तो उसे पतला करके, कभी-कभी और खाने के बाद लें।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra