Magh Maas में बदल सकती है आपकी किस्मत! घर की नकारात्मक ऊर्जा, कलह और तनाव दूर करने के चमत्कारी उपाय

सनातन धर्म में माघ मास को अत्यंत पुण्यदायी, शुद्ध और ऊर्जा शोधन का समय माना गया है। यह मास सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद शुरू होता है और 2026 में 4 जनवरी से 1 फरवरी तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान किया गया हर सात्विक और संयमित कर्म जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। मान्यता है कि माघ मास में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के बीच एक विशेष संतुलन बनता है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ने लगती है। यही कारण है कि इस समय किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़े लाभ देते हैं।

घर से नकारात्मकता हटाने के आसान उपाय

माघ मास में रोज सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और सूर्यदेव को जल अर्पित करें। इससे मन और वातावरण दोनों शुद्ध होते हैं। पूजा स्थल में नियमित दीपक जलाएं और धूप-दीप से घर को पवित्र बनाएं। मुख्य द्वार, आंगन और पूजा स्थान की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें। संध्या समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना और शुभ मंत्रों का स्मरण करना लाभकारी माना गया है। सप्ताह में एक बार गंगाजल का हल्का छिड़काव करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक माहौल बनता है।

पारिवारिक कलह से कैसे मिले राहत?

माघ मास में संयम, धैर्य और मधुर वाणी का विशेष महत्व बताया गया है। इस समय अनावश्यक बहस, गुस्से और कटु शब्दों से दूरी बनाना चाहिए। प्रतिदिन भगवान विष्णु या भगवान गणेश का श्रद्धा से नाम जप करने से मानसिक शांति मिलती है। गुरुवार या सोमवार को सात्विक भोजन बनाकर परिवार के साथ खाना रिश्तों में मिठास लाता है। घर के बुजुर्गों का सम्मान करना और उनकी बातों को ध्यान से सुनना भी कलह को कम करता है। रोज थोड़ा समय परिवार के साथ शांत माहौल में बिताएं।

दान, संयम और मानसिक शांति का महत्व

माघ मास को दान का महीना भी कहा जाता है। इस दौरान अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और गर्म कपड़ों का दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं। सात्विक और हल्का भोजन जैसे फल, दूध, दही और घर का बना खाना मन को शांत रखता है। शास्त्रों में कहा गया है कि तामसिक भोजन और आलस्य इस मास की सकारात्मक ऊर्जा को रोकते हैं। रोज कुछ समय ध्यान, मौन या प्रार्थना में बिताने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में स्थायी शांति आने लगती है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra