झारखंड भाजपा के प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को संगठन पर्व के अंतिम चरण के तहत काफी गहमागहमी देखने को मिली। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की गई। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर रांची पहुंचे केंद्रीय मंत्री और प्रदेश चुनाव अधिकारी जुएल ओराम ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि तय समय सीमा के भीतर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक नामांकन और राष्ट्रीय परिषद के लिए कुल 21 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि इस बार चुनाव औपचारिकता भर रह जाएगा।
आदित्य साहू का नाम लगभग तय
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए राज्यसभा सांसद और वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने नामांकन दाखिल किया है। चूंकि उनके खिलाफ कोई दूसरा नामांकन नहीं आया, इसलिए उनका झारखंड भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। उनके नामांकन में पार्टी के कई बड़े नेताओं ने प्रस्तावक की भूमिका निभाई। इनमें मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद विद्युत वरण महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, विकास प्रीतम, बालमुकुंद सहाय, प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, प्रवक्ता रमाकांत महतो और महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती सिंह शामिल हैं। इतने बड़े समर्थन से यह साफ है कि पार्टी उनके नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।
राष्ट्रीय परिषद के लिए 21 नामांकन
प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए भी नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। इस पद के लिए कुल 21 नामांकन प्राप्त हुए हैं। इनमें कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा, समीर उरांव, यदुनाथ पांडेय, चंपई सोरेन, संजय सेठ, रघुवर दास, दिनेशानंद गोस्वामी, मधु कोड़ा, पशुपति नाथ सिंह, रविंद्र कुमार राय, अमर कुमार बाउरी, नीलकंठ सिंह मुंडा, भानु प्रताप शाही, जीतूचरण राम, अभयकांत प्रसाद, प्रदीप वर्मा, अनंत ओझा, दीपक प्रकाश, अन्नपूर्णा देवी और गीता कोड़ा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन सभी नामों से यह साफ है कि भाजपा संगठन को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
14 जनवरी को होगा ऐलान
केंद्रीय मंत्री और चुनाव अधिकारी जुएल उरांव ने बताया कि 14 जनवरी को दोपहर 2 बजे रांची के हरमू रोड स्थित कार्निवाल बैंक्वेट हॉल में नए प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के नामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। चूंकि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन आया है, इसलिए आदित्य साहू का नाम तय माना जा रहा है। यह बदलाव झारखंड भाजपा के लिए नई रणनीति और नई ऊर्जा का संकेत है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी आने वाले समय में किस दिशा में आगे बढ़ेगी।