Sleep Signs: रात में अचानक खुल जाती है नींद? जानिए कौन सा समय शुभ, कौन सा अशुभ, ज्योतिष में छुपे हैं चौंकाने वाले संकेत

रात में नींद का एक-दो बार खुल जाना आम बात मानी जाती है, क्योंकि हम थोड़ी देर बाद फिर से सो जाते हैं। लेकिन अगर आपकी नींद बार-बार अचानक टूट रही है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। ज्योतिष और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह हमारे आसपास मौजूद ऊर्जा के प्रभाव से जुड़ा हो सकता है। माना जाता है कि रात के समय नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा ज्यादा सक्रिय रहती हैं। इसी कारण कई लोगों को बिना किसी कारण के बेचैनी, डर या अजीब सा एहसास होने लगता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि रात के किस समय नींद खुलना शुभ माना जाता है और कौन सा समय अशुभ संकेत देता है।

11 से 2 बजे का समय क्यों अशुभ?

ज्योतिष के अनुसार, अगर आपकी नींद रात 11 बजे से 1 बजे के बीच अचानक खुलती है, तो इसे शुभ नहीं माना जाता। इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान नींद खुलने का मतलब होता है कि आपका मन अस्थिर है और आपको मानसिक शांति की जरूरत है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि सोने से पहले पैर धोएं, भगवान का नाम लें और मन को शांत रखें। वहीं, अगर 1 से 2 बजे के बीच नींद टूटती है, तो यह भी अशुभ संकेत माना जाता है। इस समय को मानसिक तनाव और चिंता से जोड़कर देखा जाता है।

2 से 3 बजे का रहस्यमयी समय

रात 2 बजे से 3 बजे के बीच का समय ज्योतिष और आध्यात्मिक मान्यताओं में बहुत खास माना गया है। इसे रहस्यमयी समय कहा जाता है, जब नकारात्मक ऊर्जा सबसे ज्यादा सक्रिय होती है। कई परंपराओं में इसे ‘स्पिरिचुअल अलर्ट’ या जागरूकता का समय भी कहा गया है। इस दौरान नींद खुलने का मतलब यह माना जाता है कि आपका मन और शरीर किसी आंतरिक परेशानी से जूझ रहा है। इस समय डर, बेचैनी या अजीब सपने आना भी आम बात मानी जाती है। इसलिए इस समय नींद खुलना भी शुभ नहीं माना गया है।

3 से 5 बजे नींद खुलना क्यों शुभ?

अगर आपकी नींद रात 3 बजे से सुबह 5 बजे के बीच खुलती है, तो इसे शुभ माना जाता है। यह समय ब्रह्म मुहूर्त के करीब होता है, जिसे आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना गया है। इस समय नींद खुलने का अर्थ होता है कि आपके जीवन में मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव है। कहा जाता है कि इस समय ध्यान, प्रार्थना या मंत्र जाप करने से मन शांत रहता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि, यह सभी बातें मान्यताओं पर आधारित हैं, इसलिए अगर नींद बार-बार टूटती है और इससे थकान या तनाव हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra