देश के कबड्डी खिलाड़ी इन दिनों गंभीर खतरे में हैं। चाहे भारत हो या विदेश, मैदान हो या घर गैंगस्टर उन्हें खुलेआम निशाना बना रहे हैं। बीते कुछ सालों में कई कबड्डी खिलाड़ियों और उनसे जुड़े लोगों की जान जा चुकी है। अब ताजा मामला कनाडा से सामने आया है, जहां लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने कबड्डी खिलाड़ी और प्रमोटर देविंदर मान उर्फ देव मान के ठिकाने पर फायरिंग की। गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में धमकी भरे लहजे में लिखा गया कि पहले समझाने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं मानी गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर कबड्डी खिलाड़ी ही गैंगस्टरों के निशाने पर क्यों हैं?
सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से शेयर किए गए पोस्ट में लिखा गया कि यह फायरिंग मंगलवार शाम कनाडा के सरे (डेल्टा) इलाके में हुई। पोस्ट में देव मान को एक युवा कबड्डी प्रमोटर बताया गया है और आरोप लगाया गया कि उसने एक खिलाड़ी से धक्का-मुक्की की थी और बदमाशों का नाम लेकर धमकियां देता था। पोस्ट के आखिर में “वेट एंड वॉच” जैसे शब्दों के साथ खुली चेतावनी भी दी गई। इस तरह की घटनाओं से कबड्डी से जुड़े लोगों में डर का माहौल है। विदेश में भी भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि अब ये मामले सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहे।
पंजाब में भी नहीं थम रही हिंसा
भारत में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। दो दिन पहले पंजाब के लुधियाना में पूर्व कबड्डी खिलाड़ी और बाउंसर गगनदीप सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि वह गांव के एक युवा कबड्डी खिलाड़ी का समर्थन करता था, जिस वजह से उसकी कुछ युवकों से दुश्मनी हो गई थी। 5 जनवरी को जब वह अपने साथियों के साथ अनाज मंडी पहुंचा, तो पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गांव वालों के मुताबिक, गगनदीप पहले खुद कबड्डी खेलता था, बाद में बाउंसर बन गया था।
8 महीने में 5 हत्याएं, सवाल गहरे
बीते 8 महीनों में कबड्डी से जुड़े कम से कम 5 लोगों की हत्या हो चुकी है। 6 जून 2025 को पंचकूला में सोनू नोलटा, 31 अक्टूबर को लुधियाना में तेजपाल सिंह, 5 नवंबर को समराला में गुरविंदर सिंह, 15 दिसंबर को मोहाली में राणा बलाचौरिया और 5 जनवरी 2026 को गगनदीप सिंह की हत्या हुई। राणा बलाचौरिया की हत्या तो कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान मैदान में ही कर दी गई थी। इस मामले में बंबीहा गैंग ने जिम्मेदारी ली थी। अब कनाडा में देव मान के ठिकाने पर फायरिंग ने डर और बढ़ा दिया है। सवाल यह है कि क्या कबड्डी खिलाड़ी अब सुरक्षित नहीं रहे?