Vijay Hazare Trophy में रिंकू सिंह का धमाका: रन भी बरस रहे हैं, जीत भी मिल रही है, फिर वनडे मौका क्यों दूर?

विजय हजारे ट्रॉफी में रिंकू सिंह इस वक्त यूपी टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। मंगलवार, 6 जनवरी को निरंजन शाह स्टेडियम में उन्होंने कप्तान के तौर पर शानदार अर्धशतक जड़ा। रिंकू ने सिर्फ 30 गेंदों में 57 रन बनाते हुए टीम को 50 ओवर में 339 के बड़े स्कोर तक पहुंचाया। उनकी तेज और आक्रामक पारी का असर नतीजे पर भी दिखा और यूपी ने मुकाबला 54 रनों से जीत लिया। इस सीजन रिंकू सिंह की बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी भी पूरी तरह असरदार नजर आ रही है।

विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार आंकड़े

रिंकू सिंह का इस सीजन का प्रदर्शन किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना जैसा है। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में अब तक 6 मैचों में 371 रन बनाए हैं। उनका औसत 123.66 का है, जो उनकी निरंतरता को दिखाता है। सबसे खास बात यह है कि उनका स्ट्राइक रेट 145 से ज्यादा का है, जो लिस्ट ए क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक निकले हैं। रिंकू 29 चौके और 14 छक्के भी लगा चुके हैं, जिससे साफ है कि वह हर मैच में टीम को तेज रन दे रहे हैं।

दो साल से वनडे टीम से बाहर

इतनी जबरदस्त फॉर्म के बावजूद रिंकू सिंह को भारतीय वनडे टीम में मौका नहीं मिल रहा है। उन्होंने टीम इंडिया के लिए सिर्फ दो वनडे मैच खेले हैं। आखिरी बार वह 21 दिसंबर 2023 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ पार्ल में नजर आए थे। इसके बाद करीब 25 महीने बीत चुके हैं, लेकिन इस फॉर्मेट में उनकी वापसी नहीं हो सकी। यह सवाल अब और बड़ा हो गया है कि जब घरेलू क्रिकेट में रिंकू लगातार रन बना रहे हैं, तो उन्हें वनडे टीम से बाहर क्यों रखा जा रहा है।

ऑलराउंडर्स की भीड़ बनी सबसे बड़ी रुकावट

अगर रिंकू सिंह के लिस्ट ए करियर पर नजर डालें, तो उनके आंकड़े भी मजबूत हैं। उन्होंने 62 पारियों में 52.62 की औसत से 2368 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 101 से ज्यादा का है, साथ ही उनके नाम दो शतक और 21 अर्धशतक दर्ज हैं। रिंकू एक भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और मैच फिनिशर हैं। हालांकि, जिस नंबर पर वह बल्लेबाजी करते हैं, वहां टीम इंडिया को ऑलराउंडर्स की जरूरत होती है। इसी वजह से हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी उनसे आगे रखे जाते हैं।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra