Dark Circle का सच जानकर चौंक जाएंगे आप! क्या नींद, क्रीम और घरेलू नुस्खे वाकई करते हैं काम?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चेहरे पर थकान सबसे पहले आंखों के आसपास दिखती है। सुबह उठते ही आईने में अगर डार्क सर्कल नजर आ जाएं, तो दिन की शुरुआत ही तनाव के साथ होती है। पहले यह समस्या उम्रदराज़ लोगों में आम थी, लेकिन अब कम उम्र के युवा, स्टूडेंट्स और यहां तक कि बच्चों में भी देखने को मिल रही है। देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, स्क्रीन टाइम बढ़ना और अनियमित लाइफस्टाइल ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। इसी वजह से डार्क सर्कल को लेकर लोगों के बीच कई तरह के भ्रम भी फैल गए हैं।

नींद और जेनेटिक्स से जुड़ा सबसे बड़ा मिथक

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. इशिता पंडित बताती हैं कि सबसे बड़ा मिथक यह है कि डार्क सर्कल सिर्फ नींद कम लेने से होते हैं। सच्चाई यह है कि कई बार ये जेनेटिक भी हो सकते हैं। अगर आंखों के नीचे की स्किन पतली है, वहां पिग्मेंटेशन ज्यादा है, या नसें ज्यादा दिखाई देती हैं, तो डार्क सर्कल नजर आने लगते हैं। इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ अंडरआई एरिया में वॉल्यूम कम होना और स्किन ढीली पड़ना भी इसकी वजह बन सकता है।

क्रीम और घरेलू नुस्खों की सच्चाई

अक्सर लोग मानते हैं कि कोई भी डार्क सर्कल क्रीम लगाने से समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन एक्सपर्ट इससे सहमत नहीं हैं। बिना कारण जाने किसी भी क्रीम का इस्तेमाल असरदार नहीं होता। वहीं आलू, नींबू या टमाटर का रस लगाने जैसे घरेलू नुस्खे भी सिर्फ त्वचा को थोड़ी देर हाइड्रेशन देते हैं। ये डार्क सर्कल की असली वजह को ठीक नहीं करते। उल्टा, इनसे स्किन में जलन या एलर्जी होने का खतरा भी रहता है।

क्या डार्क सर्कल ट्रीटमेंट सुरक्षित हैं?

कई लोगों को लगता है कि डार्क सर्कल हटाने के लिए किए जाने वाले प्रोसीजर अनसेफ होते हैं, लेकिन यह भी एक मिथक है। डॉ. इशिता पंडित के अनुसार, अगर किसी ट्रेंड और एक्सपीरियंस्ड डर्मेटोलॉजिस्ट से इलाज कराया जाए, तो ये पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। लेजर ट्रीटमेंट, पीआरपी (Platelet Rich Plasma), फिलर्स और स्किन बूस्टर जैसे ऑप्शन न सिर्फ सुरक्षित हैं, बल्कि अच्छे और लंबे समय तक दिखने वाले रिजल्ट भी देते हैं।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra