Share Market: 3 रुपये से 140 रुपये तक का चमत्कार! इस शेयर ने 5 साल में बना दिए 10 करोड़, जानकर चौंक जाएंगे निवेशक

शेयर बाजार में हर निवेशक ऐसा स्टॉक ढूंढता है, जो समय के साथ उसकी किस्मत बदल दे। Diamond Power Infrastructure Ltd. ने बीते कुछ सालों में बिल्कुल ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। यह शेयर अब सिर्फ मल्टीबैगर नहीं, बल्कि सुपर मल्टीबैगर बन चुका है। पिछले 5 सालों में इस स्टॉक ने करीब 1,11,844 फीसदी का रिटर्न दिया है, जिसने निवेशकों को हैरानी में डाल दिया है। लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया यह छोटा शेयर आज बाजार में चर्चा का बड़ा नाम बन गया है।

इलेक्ट्रिकल सेक्टर की मजबूती से मिला सपोर्ट

Diamond Power Infrastructure इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर से जुड़ी कंपनी है। यह सेक्टर दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहा है। साल 2024 में इसका साइज करीब 1.66 ट्रिलियन डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। बढ़ती बिजली की मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के कारण इस सेक्टर में आगे भी मजबूती की उम्मीद है। अनुमान है कि 2029 तक यह इंडस्ट्री 2.2 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को छू सकती है, जिससे इससे जुड़ी कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

2 साल में 1 लाख बना 52 लाख

अगर पिछले दो सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो Diamond Power का सफर और भी चौंकाने वाला दिखता है। करीब दो साल पहले यह शेयर लगभग 3 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो अब बढ़कर करीब 140 रुपये तक पहुंच गया है। यानी करीब 5,200 फीसदी की छलांग। अगर किसी निवेशक ने उस वक्त इसमें 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब 52 लाख रुपये से ज्यादा होती। हालांकि हाल के महीनों में शेयर की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन इतनी तेज तेजी के बाद यह सामान्य माना जाता है।

ऊंचा वैल्यूएशन, लेकिन मजबूत नतीजे

लंबी अवधि में इस शेयर की कहानी और भी जबरदस्त है। 5 साल पहले लगाए गए 1 लाख रुपये आज 10 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकते थे। फिलहाल कंपनी का वैल्यूएशन काफी ऊंचा है और इसका P/E रेशियो इंडस्ट्री औसत से ज्यादा है। इसका मतलब है कि बाजार को कंपनी के भविष्य से बड़ी उम्मीदें हैं। हालिया तिमाहियों में कंपनी की बिक्री और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। हालांकि, ऊंचे रिटर्न के साथ जोखिम भी बढ़ता है, इसलिए निवेश से पहले समझदारी और सलाह जरूरी है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra