आज के समय में लोग हेल्थ और फिटनेस को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सजग हो गए हैं। सोशल मीडिया, योग गुरुओं और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह पर कई लोग सुबह उठते ही बासी मुंह गर्म या गुनगुना पानी पीने लगे हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे शरीर डिटॉक्स होता है, पाचन ठीक रहता है, वजन घटाने में मदद मिलती है और दिन की शुरुआत ताजगी के साथ होती है। हालांकि, यह सवाल भी उतना ही जरूरी है कि क्या यह आदत हर किसी के लिए फायदेमंद है या कुछ लोगों के लिए नुकसान भी कर सकती है।
शरीर पर सुबह पानी पीने का असर
रातभर की नींद के दौरान शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी हो जाती हैं। मेटाबॉलिज्म स्लो रहता है, मुंह में बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं और पेट पूरी तरह खाली होता है। ऐसे में सुबह उठते ही पानी पीने का असर व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है। किसी की पाचन शक्ति मजबूत होती है तो किसी को गैस, एसिडिटी, लो ब्लड प्रेशर या शुगर जैसी दिक्कतें होती हैं। इसलिए यह आदत अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपका शरीर इसे कैसे रिस्पॉन्ड करता है।
हेल्थ एक्सपर्ट की राय
होलिस्टिक डाइटिशियन और इंटीग्रेटिव थेरोपेटिक न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर गीतिका चोपड़ा के अनुसार, सुबह उठकर बासी मुंह गुनगुना पानी पीना एक अच्छी आदत हो सकती है, खासतौर पर सर्दियों में। रातभर सोने के बाद शरीर हल्का डिहाइड्रेट हो जाता है और डाइजेस्टिव सिस्टम थोड़ा सुस्त रहता है। ऐसे में 1 से 2 गिलास गुनगुना पानी पीने से आंतों की गतिविधि सक्रिय होती है और पेट साफ होने में मदद मिलती है।
पाचन और पेट की समस्याओं में राहत
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गुनगुना पानी सुबह पीने से बाइल फ्लो को हल्का सा उत्तेजन मिलता है, जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है। इससे कब्ज, ब्लोटिंग और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। नियमित रूप से सही तापमान का पानी पीने से मेटाबॉलिज्म धीरे-धीरे एक्टिव होता है और शरीर दिन के लिए तैयार महसूस करता है।
कब हो सकता है नुकसानदायक
हालांकि, यह जरूरी है कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो। बहुत गर्म पानी पीने से एसिडिटी बढ़ सकती है, गले में जलन, मुंह में सूखापन और पेट में असहजता महसूस हो सकती है। जिन लोगों को पहले से लो ब्लड प्रेशर, एसिड रिफ्लक्स या पेट से जुड़ी गंभीर समस्या है, उन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही यह आदत अपनानी चाहिए।
सुबह पानी पीने का सही तरीका
सुबह पानी पीने का सही तरीका यही है कि पानी गुनगुना हो, न ज्यादा ठंडा और न ज्यादा गर्म। धीरे-धीरे घूंट लेकर पानी पिएं और तुरंत किसी भारी काम या चाय-कॉफी की ओर न भागें। यह समझना भी जरूरी है कि गुनगुना पानी कोई जादुई डिटॉक्स या फैट बर्नर नहीं है, बल्कि यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन को नैचुरल तरीके से सपोर्ट करने का एक सरल उपाय है।