अगर आप ट्रेन से सफर करते समय जरूरत से ज्यादा सामान साथ ले जाते हैं, तो अब सावधान हो जाना जरूरी है। रेलवे ने साफ संकेत दिए हैं कि तय सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यानी अब रेल यात्रा में भी बैगेज नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे हवाई यात्रा में किया जाता है। इसका मकसद यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों को बेहतर बनाना है।
रेल मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यह स्पष्ट किया कि ट्रेन यात्रा के लिए पहले से ही क्लास के अनुसार फ्री बैगेज अलाउंस तय है। उन्होंने बताया कि अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करता है, तो उससे अतिरिक्त चार्ज लिया जा सकता है। यह नियम कोई नया नहीं है, लेकिन अब इसे और सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
एयरलाइन और रेलवे के नियमों की तुलना
हवाई यात्रा में बैगेज लिमिट को लेकर यात्री पहले से सतर्क रहते हैं। घरेलू फ्लाइट्स में आमतौर पर 15 किलो चेक-इन और 7 किलो हैंडबैग की छूट मिलती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 23 से 25 किलो तक की अनुमति होती है। इसी तरह रेलवे में भी हर यात्री को उसकी ट्रैवल क्लास के हिसाब से एक निश्चित वजन तक सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है। तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने पर शुल्क देना पड़ता है और एक अधिकतम सीमा भी निर्धारित है।
सेकंड क्लास और स्लीपर के नियम
ट्रेन की सेकंड क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को 35 किलो तक सामान मुफ्त ले जाने की छूट है। अगर कोई यात्री इससे ज्यादा सामान ले जाता है, तो वह अधिकतम 70 किलो तक सामान ले सकता है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं स्लीपर क्लास के यात्रियों को 40 किलो तक का फ्री बैगेज अलाउंस मिलता है। जरूरत पड़ने पर वे 80 किलो तक सामान ले जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए भी चार्ज देना अनिवार्य है।
AC और चेयर कार में ज्यादा सख्ती
AC 3 टियर और चेयर कार में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नियम और कड़े हैं। इन क्लास में 40 किलो तक सामान ले जाने की ही अनुमति है और यही अधिकतम सीमा भी है। यानी इन कोचों में तय वजन से ज्यादा सामान ले जाना नियमों के खिलाफ माना जाएगा और इसकी इजाजत नहीं होगी।
क्यों जरूरी है यह व्यवस्था
रेलवे का मानना है कि जरूरत से ज्यादा सामान यात्रियों की आवाजाही में रुकावट पैदा करता है। इससे कोच में भीड़ बढ़ती है, सफाई प्रभावित होती है और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी सामने आती हैं। भारी सामान के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए बैगेज नियमों का पालन सभी के हित में है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप ट्रेन से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने सामान का वजन जरूर जांच लें। तय सीमा से ज्यादा सामान होने पर या तो उसे पहले से बुक कराएं या अतिरिक्त शुल्क देने के लिए तैयार रहें। थोड़ी सी समझदारी और तैयारी आपकी यात्रा को आरामदायक और परेशानी से मुक्त बना सकती है।