उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष का इंतजार काफी समय से चल रहा था, लेकिन अब यह प्रक्रिया तेजी पकड़ चुकी है। पार्टी ने औपचारिक रूप से चुनाव का टाइम टेबल जारी कर दिया है और उम्मीद है कि 14 दिसंबर तक प्रदेश को अपना नया अध्यक्ष मिल जाएगा। इससे जुड़ी चुनावी तैयारियां भी संगठन स्तर पर पूरी मानी जा रही हैं।
नामांकन प्रक्रिया शुरू, 14 दिसंबर को फैसला
निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को प्रदेश परिषद सदस्यों की सूची जारी करते ही चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत हो गई। 13 दिसंबर को दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक नामांकन दाखिल होंगे, इसके बाद स्क्रूटिनी और नाम वापसी भी इसी दिन होगी। अगर एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में आए तो मतदान 14 दिसंबर को कराया जाएगा, वरना सर्वसम्मति से अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा।
चुनाव प्रबंधन में जुटी पार्टी
बीजेपी ने इस चुनाव को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को चुनाव प्रभारी और विनोद तावड़े को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी लखनऊ पहुंच चुके हैं, जहां शुक्रवार शाम को एक अहम बैठक आयोजित की गई।
कौन-कौन करेगा मतदान?
यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव में कुल 464 प्रतिनिधि मतदान करेंगे। इनमें सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला अध्यक्ष और प्रांतीय परिषद के सदस्य शामिल हैं। पार्टी में आमतौर पर अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से होता है, इसलिए माना जा रहा है कि जो भी नामांकन दाखिल करेगा, वही अध्यक्ष बनने का सबसे बड़ा दावेदार होगा।
बीएल वर्मा सबसे आगे बताए जा रहे
अध्यक्ष पद की रेस में सबसे पहला और मजबूत नाम बीएल वर्मा का उभर कर सामने आ रहा है। ओबीसी लोधी समुदाय से आने वाले वर्मा केंद्र में मंत्री भी हैं और अमित शाह के साथ लंबे समय से काम करने का अनुभव रखते हैं। पश्चिम यूपी में उनकी पकड़ भी पार्टी के लिए लाभकारी मानी जा रही है।
अन्य दावेदारों में कई बड़े नाम शामिल
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पूर्वांचल में उनका दबदबा पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा साध्वी निरंजन ज्योति, स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह जैसे नाम भी चर्चा में हैं। महिला चेहरा होने के साथ-साथ साध्वी निरंजन ज्योति की साफ-सुथरी छवि उन्हें मजबूत विकल्प बनाती है।
दिनेश शर्मा और अमरपाल मौर्य भी रेस में
पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा का नाम लगातार चर्चा में है और उनकी संगठनात्मक पकड़ को उनके पक्ष में माना जा रहा है। वहीं राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं और ओबीसी समीकरण में फिट बैठते हैं, इसलिए उनका नाम भी गंभीरता से लिया जा रहा है।