इंडिगो संकट को लेकर गुरुवार को DGCA की जांच कमेटी और एयरलाइन के CEO के बीच दो घंटे तक चली हाई-लेवल बैठक बेहद महत्वपूर्ण रही। इस मीटिंग में जांच कमेटी ने एयरलाइन के संचालन, रिफंड प्रक्रिया, क्रू मैनेजमेंट और मुआवजा नीति पर सीधे और सख्त सवाल पूछे। इंडिगो की ओर से नए रोस्टर प्लान, रिफंड की प्रगति, खोए हुए लगेज की ट्रेसिंग और उड़ानों को सामान्य करने से जुड़ी जानकारी कमेटी को दी गई। एयरलाइन ने मुआवजा प्रक्रिया पर भी विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
DGCA ने CEO को फिर तलब किया
मीटिंग के बाद DGCA ने एक बार फिर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को 12 दिसंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इंडिगो का कहना है कि उसका फ्लाइट ऑपरेशन अब सामान्य हो गया है, लेकिन DGCA को यह जानकारी मिली है कि कई जगहों पर उड़ानें अब भी लगातार रद्द हो रही हैं। इसी विसंगति को समझने और विस्तृत विवरण लेने के लिए DGCA ने एयरलाइन के शीर्ष अधिकारी को फिर से बुलाया है।
लगातार प्रयासों के बावजूद संकट बना हुआ है
इंडिगो की ओर से तमाम सुधार प्रयासों के बाद भी कंपनी पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं पहुंच पाई है। गुरुवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट से एयरलाइन ने 60 उड़ानें रद्द कर दीं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इंडिगो ने DGCA की निगरानी में दिनभर में 1,950 से अधिक उड़ानें संचालित करने की योजना का दावा किया था। लगातार रद्द होती उड़ाने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा रही हैं।
उड़ानों के संचालन पर एयरलाइन का जवाब
DGCA ने इंडिगो के CEO से हालिया संचालन बाधाओं पर एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। वहीं, एयरलाइन की ओर से कहा गया कि उसे गुरुवार को करीब 2,000 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है और टीम फ्लाइट शेड्यूल को स्थिर करने के लिए लगातार काम कर रही है। इंडिगो के मुताबिक, बढ़ी हुई मांग और क्रू की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों को चरणबद्ध तरीके से सुधारा जा रहा है।
सरकारी निर्देश और फ्लाइट कटौती
इंडिगो आमतौर पर अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है। लेकिन सरकार ने हालिया अव्यवस्था के बाद एयरलाइन को अपनी क्षमता में 10% की कटौती करने का निर्देश दिया है, ताकि दबाव कम हो और फ्लाइट कैंसिलेशन नियंत्रित हो सकें। 5 दिसंबर को उड़ानों की रद्द संख्या 1,600 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।
तीन बड़े एयरपोर्ट पर भारी अव्यवस्था
एक दिन पहले बुधवार को दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख एयरपोर्ट पर कुल 220 उड़ानें रद्द हुई थीं। इनमें से सिर्फ दिल्ली एयरपोर्ट पर 137 फ्लाइटें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों का भारी भीड़ और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। इस बीच, इंडिगो के चेयरमैन विक्रम मेहता ने पहली बार संकट पर खुलकर बोलते हुए यात्रियों से माफी मांगी और स्थिति सुधारने का भरोसा दिया।