Winter में घी का सेवन जरूरी, एक्सपर्ट ने बताई गाइडलाइन, बस ध्यान रखें ये छोटी-सी सावधानी

भारत में देसी घी को सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं माना जाता, बल्कि इसे सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद समझा जाता है। दादी–नानी के घरेलू नुस्खों से लेकर आयुर्वेदिक ग्रंथों तक, घी को हमेशा शरीर को पोषण देने वाला तत्व बताया गया है। खासकर सर्दियों में इसका सेवन बढ़ जाता है क्योंकि ये शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। लेकिन इस बीच एक सवाल लगभग हर घर में उठता है, क्या खांसी या गले में खराश होने पर घी खाना ठीक है?

घी को लेकर फैला बड़ा भ्रम

बहुत से लोग मानते हैं कि घी खाने से कफ बढ़ता है और खांसी ज्यादा परेशान कर सकती है। वहीं दूसरी तरफ कई लोग कहते हैं कि घी सूखी खांसी को आराम देता है और गले की जलन कम करता है। इसी उलझन के कारण लोग यह तय नहीं कर पाते कि बीमारी के दौरान घी खाना चाहिए या नहीं। इस दुविधा को दूर करने के लिए विशेषज्ञ बताते हैं कि वास्तविकता क्या है।

क्या घी सच में खांसी बढ़ाता है?

डायटिशियन गीतिका चोपड़ा बताती हैं कि घी खांसी बढ़ाता है- यह धारणा एक बड़ा मिथक है। वह कहती हैं कि यदि घी को सही मात्रा में और सही तरीके से खाया जाए, तो खांसी बढ़ने का कोई खतरा नहीं होता। देसी घी गर्म तासीर का होता है और गले की सूखापन को कम करके राहत देता है। खासकर सूखी खांसी में घी काफी आराम पहुंचा सकता है।

गलत समय पर सेवन से हो सकता है नुकसान

एक्सपर्ट चेतावनी देती हैं कि घी तभी नुकसानदायक बनता है जब इसे गलत समय पर या ज्यादा मात्रा में खाया जाए। अगर घी को भारी भोजन के साथ रात को खाया जाए या जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया जाए, तो शरीर में कफ बढ़ सकता है। जो लोग पहले से ही खांसी या जुकाम से परेशान हैं, उनके लिए इस तरह घी का सेवन समस्या बढ़ा सकता है।

कैसे और कब करें घी का सही सेवन?

डायटिशियन गीतिका का सुझाव है कि घी को हमेशा गर्म दाल, रोटी या सब्जी पर डालकर ही खाना चाहिए। सर्दियों में 1 चम्मच घी पर्याप्त माना जाता है। इसके अलावा, घी के साथ ठंडी चीजें या ठंडी ड्रिंक्स लेना बिल्कुल अवॉयड करना चाहिए, क्योंकि इससे गले में परेशानी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर घी नुकसानदायक नहीं, बल्कि फायदेमंद है, बस इसे सही तरीके और सही समय पर खाने की जरूरत है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra