UP Police–FSDA की संयुक्त कार्रवाई, 3.5 लाख कफ सिरप जब्त, 35 गिरफ्तार, ड्रग रैकेट की हिलीं जड़ें

उत्तर प्रदेश में नशीली कोडीन मिक्स कफ सिरप की अवैध बिक्री और तस्करी पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब पूरे मामले की निगरानी और गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की जा रही है। लखनऊ में गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कुमार कृष्ण और FSDA कमिश्नर रौशन जैकब ने संयुक्त प्रेस वार्ता में इस अभियान से जुड़ी अहम जानकारी साझा की।

व्यापक स्तर पर छापेमारी और सबूत बरामद

पिछले दो महीनों में पुलिस और FSDA ने प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी चलाकर अवैध कोडीन सिरप के नेटवर्क को झटका दिया है। अब तक 128 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 3.5 लाख से अधिक कफ सिरप की बोतलें जब्त हुई हैं। कार्रवाई में 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बड़े सप्लायर, स्टॉकिस्ट और नेटवर्क को संचालित करने वाले प्रमुख लोग शामिल हैं। गाजियाबाद में चार ट्रक और एक अन्य जिले में एक ट्रक कफ सिरप बरामद किया गया।

मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की खोज

अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के मुख्य आरोपी भोला जयसवाल, राणा और सौरभ त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन पर भी बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। इन गिरफ्तारियों से नेटवर्क के कई अहम कड़ियों का खुलासा हुआ है।

अवैध दवाओं के व्यापक नेटवर्क की जांच

कोडीन सिरप के साथ ही ट्रामाडोल और एक्ट्राजोलम जैसी अन्य नशीली दवाइयों की गैरकानूनी बिक्री पर भी कड़ा एक्शन लिया गया है। 40 से अधिक जिलों में थोक व्यापारियों और रिटेल विक्रेताओं की जांच हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि छोटे दुकानदारों को राहत दी गई है, जबकि बिना दस्तावेज बड़े पैमाने पर सप्लाई करने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है।

अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी ट्रेल की पड़ताल

जांच में यह भी सामने आया है कि बड़ी मात्रा में यह सिरप नेपाल और बांग्लादेश में तस्करी के लिए भेजा जा रहा था। वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है और ईडी ने भी इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है। एसआईटी की अगुवाई आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे, जो पूरे नेटवर्क की परतें खोलेंगे।

कंपनियों और सप्लाई चैन पर नजर

फैंसीडिल जैसे सिरप बनाने वाली कंपनियों 3B और ग्लोबिन फार्मा की भी जांच की गई है। चार बड़े सप्लाई चैन चिह्नित कर उन पर कार्रवाई की गई। FSDA कमिश्नर ने साफ किया कि मध्य प्रदेश में हुई घटना का इस मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

ड्रग माफिया के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई

डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री का निर्देश है कि ड्रग माफिया पर किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। 2023-24 की कार्रवाई के मुकाबले यह अभियान कई गुना बड़ा माना जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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Author: Rishabh Chhabra