सर्दियों का मौसम आते ही हवा में नमी कम हो जाती है और ठंडी, शुष्क हवाएं त्वचा से प्राकृतिक तेल खींच लेती हैं। इसके कारण स्किन में खिंचाव, रूखापन और बेजानपन महसूस होने लगता है। इस मौसम में लोग अक्सर नारियल, तिल या सरसों का तेल लगाकर त्वचा को पोषण देने की कोशिश करते हैं। लेकिन आयुर्वेद कहता है कि हर इंसान का शरीर तीन प्रकृति वात, पित्त और कफ से बना होता है, और उसी के अनुसार स्किन की जरूरतें भी बदलती हैं। इसलिए हर किसी पर एक जैसा तेल सूट नहीं करता।
आयुर्वेद क्या कहता है बॉडी टाइप और तेल के बारे में
आयुर्वेद के अनुसार, त्वचा की समस्याएं भी व्यक्ति की प्रकृति यानी बॉडी टाइप पर निर्भर करती हैं। किसी की स्किन बहुत ड्राई होती है, किसी की ऑयली, किसी की सेंसिटिव, तो किसी की रेडनेस वाली। ऐसे में सही तेल चुनना बेहद जरूरी हो जाता है। गलत तेल लगाने से फायदा मिलने की जगह स्किन और खराब हो सकती है। इसी कारण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सर्दियों में तेल लगाने से पहले अपनी बॉडी टाइप और स्किन की जरूरत को जानना जरूरी है।
डॉ. नितिका कोहली की सलाह
आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. नितिका कोहली ने एक वीडियो में बताया कि किस बॉडी टाइप और स्किन कंडीशन के अनुसार कौन सा तेल लगाना सबसे फायदेमंद रहेगा। उन्होंने कहा कि मौसम बदलते ही बिना सोचे-समझे कोई भी तेल लगाने की बजाय, स्किन की प्रकृति के हिसाब से तेल चुनना ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित रहता है।
ड्राई और फ्लेकी स्किन के लिए तिल का तेल
अगर आपकी स्किन बहुत ड्राई, खुरदरी या फ्लेकी है, तो तिल का तेल आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है। इसमें नैचुरल फैटी एसिड और मॉइस्चराइजिंग गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को गहराई से पोषण देकर उसे मुलायम बनाते हैं। तिल का तेल सर्दियों की सबसे आम समस्या ड्राईनेस को कम करने में बेहद कारगर माना जाता है।
रेडनेस और जलन वाली स्किन के लिए बादाम व नारियल का तेल
बहुत से लोगों को ठंड के मौसम में स्किन पर रेडनेस, जलन, खुजली या हल्की सूजन की शिकायत हो जाती है। ऐसी सेंसिटिव स्किन के लिए बादाम और नारियल का तेल सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। दोनों तेलों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। बादाम तेल में मौजूद विटामिन E त्वचा की मरम्मत करता है, जबकि नारियल तेल स्किन को शांत और हाइड्रेटेड रखता है।
मॉडरेट स्किन वाले लोग इस्तेमाल करें सरसों का तेल
जिन लोगों की स्किन ना ज्यादा ड्राई होती है और ना ही बहुत ऑयली, उनके लिए सरसों का तेल ठीक माना जाता है। यह त्वचा को गर्माहट देता है और रक्तसंचार बढ़ाता है। हालांकि, इसे कम मात्रा में ही लगाना चाहिए क्योंकि ज्यादा लगाने पर स्किन चिपचिपी महसूस हो सकती है।