Modi Cabinet की बड़ी सौगात: देश में पहली REPM मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को हरी झंडी, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को बूस्ट देने वाले कई फैसले मंजूर

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में दुर्लभ मृदा के अन्वेषण से लेकर पुणे मेट्रो के विस्तार और रेलवे लाइन डबलिंग तक कई प्रमुख योजनाओं पर मुहर लगी है। सरकार का दावा है कि ये फैसले देश की बुनियादी ढांचा क्षमता और टेक्नोलॉजी सेक्टर को मजबूत बनाएंगे।

7000 करोड़ रुपये की रेयर अर्थ माइनिंग योजना को मंजूरी

कैबिनेट ने 7 वर्षों की अवधि में 7000 करोड़ रुपये की लागत से दुर्लभ मृदा (Rare Earth Elements) के अन्वेषण के लिए एक केंद्रीय योजना को स्वीकृति दी। इस योजना का उद्देश्य भारत में रेयर अर्थ खनिजों की खोज और उत्पादन को बढ़ावा देना है, जिससे देश तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके।

REPM मैन्युफैक्चरिंग योजना- आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने 7280 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट’ (REPM) मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत भारत में 6,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाला पहला इंटीग्रेटेड REPM प्लांट स्थापित किया जाएगा। REPM का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी, एयरोस्पेस और डिफेंस टेक्नोलॉजी में होता है, इसलिए यह प्रोजेक्ट भारत के हाई-टेक सेक्टर को नई ताकत देगा।

7280 करोड़ की आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधा

इस स्कीम में 6450 करोड़ रुपये का सेल्स-लिंक्ड इंसेंटिव और 750 करोड़ रुपये की कैपिटल सब्सिडी शामिल है। इसके तहत पांच लाभार्थियों को ग्लोबल बिडिंग प्रक्रिया के जरिए क्षमता आवंटित की जाएगी। इस सुविधा की खासियत है कि इसमें रेयर अर्थ ऑक्साइड को मेटल, फिर एलॉय और अंत में फिनिश्ड मैग्नेट में बदला जाएगा, यानी पूरी वैल्यू चेन भारत में विकसित होगी।

पुणे मेट्रो फेज-2 को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने पुणे मेट्रो के फेज-2 के तहत लाइन 4 और 4A के विस्तार को मंजूरी दी है। कुल 31.636 किलोमीटर लंबी यह लाइन 28 एलिवेटेड स्टेशनों के साथ पूर्व, दक्षिण और पश्चिम पुणे को IT हब, कमर्शियल और रेजिडेंशियल क्षेत्रों से जोड़ेगी। इस परियोजना को लगभग 9857 करोड़ रुपये की लागत से पाँच वर्षों में पूरा किया जाएगा। यह मेट्रो नेटवर्क स्वारगेट, खराडी बाईपास और नल स्टॉप जैसे प्रमुख कॉरिडोरों को जोड़कर शहर में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा।

रेल मंत्रालय के दो बड़े प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति

कैबिनेट ने दो रेलवे प्रोजेक्ट्स देवभूमि द्वारका (ओखा)–कनालुस डबलिंग और बदलापुर–कर्जत तीसरी व चौथी लाइन को भी मंजूरी दी। दोनों की कुल लागत लगभग 2781 करोड़ रुपये है। नई लाइन क्षमता बढ़ने से यात्रियों और माल-ढुलाई में तेजी आएगी, भीड़भाड़ कम होगी और रेलवे की संचालन दक्षता मजबूत होगी।

गति शक्ति योजना के तहत देश की कनेक्टिविटी मजबूत

ये सभी प्रोजेक्ट्स PM-गति शक्ति मास्टर प्लान के अनुरूप हैं, जिसका लक्ष्य देश में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करना है। इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे, उद्योगों को समर्थन मिलेगा और देश की आर्थिक गति को नई दिशा मिलेगी।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra