Vastu Tips: घर में तुलसी लगाने से पहले जान लें ये दिशा-नियम, जानें किस दिशा में लगाना है वर्जित

हिंदू धर्म में तुलसी को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि देवी स्वरूप माना गया है। इसे भगवान विष्णु की प्रिय सखी, हरिप्रिया और घर में सुख-शांति लाने वाली शक्ति समझा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी की प्रतिदिन पूजा की जाती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार में समृद्धि आती है। लेकिन तुलसी का पौधा गलत दिशा में लगाने से इसका शुभ प्रभाव कम हो सकता है और कई तरह की परेशानियां भी शुरू हो सकती हैं।

किस दिशा में तुलसी लगाना मना है

वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का पौधा दक्षिण दिशा में लगाना सख्त निषिद्ध माना गया है। दक्षिण दिशा यमराज और पितरों की दिशा मानी जाती है और इस स्थान पर तुलसी का होना ऊर्जात्मक रूप से अनुकूल नहीं माना जाता। यह दिशा तुलसी के पवित्र और शुभ गुणों के अनुरूप नहीं होती।

दक्षिण दिशा में तुलसी लगाने के दुष्प्रभाव

दक्षिण दिशा में तुलसी लगाना घर के लिए वास्तु दोष उत्पन्न कर सकता है। यह दिशा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है, जिससे घर में शांति भंग हो सकती है। परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े, मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। माना जाता है कि इस दिशा में तुलसी रखने से बरकत रुक जाती है और घर में दुर्भाग्य का असर दिखाई देने लगता है। इसलिए यदि तुलसी इस स्थान पर है, तो इसे तुरंत सही दिशा में स्थानांतरित करना चाहिए।

तुलसी लगाने की शुभ दिशाएं

शुभ फल पाने के लिए तुलसी का पौधा सही दिशा में लगाना जरूरी है। उत्तर दिशा कुबेर की दिशा मानी जाती है और यहां तुलसी लगाने से धन में वृद्धि होती है। उत्तर-पूर्व या ईशान कोण देवस्थली माना गया है और इस दिशा में तुलसी लगाने से घर में शांति, आध्यात्मिकता और सकारात्मकता बढ़ती है। पूर्व दिशा भी शुभ मानी जाती है क्योंकि यह सूर्यदेव का स्थान है और इससे घर में स्वास्थ्य और ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा तुलसी को आंगन के मध्य या मुख्य द्वार के पास रखना भी शुभ माना जाता है।

तुलसी से जुड़े आवश्यक नियम

तुलसी का पौधा सदैव गमले में लगाना चाहिए, जमीन पर नहीं। इसके आसपास सफाई बनाए रखना आवश्यक है और इसके पास कूड़ादान, जूते या झाड़ू नहीं रखने चाहिए। रविवार और एकादशी के दिन तुलसी को स्पर्श करना या इसके पत्ते तोड़ना वर्जित है। शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि पौधा सूख जाए तो उसे किसी पवित्र जल में प्रवाहित कर नया पौधा अवश्य लगाना चाहिए।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra