24 नवंबर को जब हिंदी सिनेमा के ही-मैन धर्मेंद्र के निधन की खबर आई, तो मानो पूरे फिल्म जगत पर सन्नाटा छा गया। उनकी विदाई ने सभी को भीतर तक हिला दिया। भले ही वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी 65 साल की लंबी फिल्मी यात्रा और 300 से ज्यादा फिल्मों का सफर हमेशा पर्दे पर ज़िंदा रहेगा। उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में शुमार है।
‘शोले’ का सफर और समय की मार
1975 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी निर्देशित ‘शोले’ में धर्मेंद्र के साथ अमिताभ बच्चन, अमजद खान, असरानी, संजीव कुमार जैसे कई दिग्गज कलाकार नजर आए थे। लेकिन वक्त बीतने के साथ इस फिल्म से जुड़े कई चमकते सितारे एक-एक करके दुनिया से रुख़्सत होते गए। आज धर्मेंद्र के साथ कुल 15 कलाकार इस दुनिया में नहीं रहे।
संजीव कुमार और अमजद खान की विदाई
ठाकुर का दमदार किरदार निभाने वाले संजीव कुमार फिल्म की रिलीज के सिर्फ दस साल बाद, 1985 में दिल का दौरा पड़ने से चल बसे। इसी तरह गब्बर के किरदार को अमर बनाने वाले अमजद खान भी 1992 में हार्ट अटैक से दुनिया छोड़ गए। दोनों ही कलाकारों की कमी आज भी महसूस होती है।
असरानी, मैक मोहन और विजू खोटे का योगदान
जेलर का मशहूर किरदार निभाने वाले असरानी का हाल ही में अक्टूबर 2024 में निधन हुआ। वहीं सांबा बने मैक मोहन 2010 में कैंसर से लड़ते हुए चला गए। गब्बर गैंग के कालिया के रूप में पहचान बनाने वाले विजू खोटे भी 2019 में दुनिया को अलविदा कह गए। इन सभी की अदाएं आज भी दर्शकों की यादों में ताज़ा हैं।
पर्दे के अन्य कलाकार भी रहे यादगार
‘शोले’ में इमाम साहब की भूमिका निभाने वाले ए.के. हंगल 2012 में दुनिया छोड़ गए। मौसी बनीं लीला मिश्रा फिल्म के करीब 13 साल बाद चल बसीं। सूरमा भोपाली के नाम से मशहूर जगदीप भी कैंसर से हारकर 2020 में अलविदा कह गए। इसी तरह ‘महबूबा महबूबा’ गाने में नज़र आए जलाल आगा, पुलिस अफसर बने इफ्तेखार, ठाकुर के वफादार रामलाल बने सत्येन कप्पू और अपने हास्य अंदाज के लिए मशहूर केष्टो मुखर्जी—सब भी धीरे-धीरे इस दुनिया से चले गए।
छोटी भूमिकाएं, बड़ी यादें
फिल्म में छोटे-से रोल में नजर आए ओम शिवपुरी 1990 में हार्ट अटैक से चल बसे। वहीं ठाकुर के बड़े बेटे का किरदार निभाने वाले अरविंद जोशी भी 2021 में दुनिया से रुख़्सत हो गए।