ग्लोबल बाजारों में तनाव कम होने और स्थिर माहौल बनने के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की और पूरे सत्र के दौरान पॉजिटिव रुझान बनाए रखा। निफ्टी 50 ने करीब 14 महीनों बाद 26,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करते हुए नया जोश दिखाया, जबकि सेंसेक्स भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर के करीब पहुंच गया। दोपहर एक बजे के आसपास सेंसेक्स 558 अंकों की तेजी के साथ 85,745.46 पर और निफ्टी 170 अंकों की मजबूती के साथ 26,223.25 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, बाजार बंद होते समय हल्की मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन समग्र माहौल मजबूत बना रहा।
FII की खरीदारी से बढ़ा बाजार का भरोसा
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से की गई बड़ी खरीदारी ने घरेलू बाजार को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की। FIIs ने 1,580.72 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा। इस ताजा inflow ने बाजार में पॉजिटिव सेंटीमेंट को सपोर्ट किया और इंडेक्स को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। विदेशी निवेश की वापसी हमेशा बाजार के लिए एक मजबूत संकेत मानी जाती है और इस सत्र में भी इसका असर साफ दिखा।
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों के लिए माहौल अनुकूल रहा। एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। वहीं चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी सकारात्मक रुख में रहे। अमेरिकी बाजारों ने भी मजबूती दिखाई और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारी उछाल ने डॉव और नैस्डैक को मजबूती के साथ बंद होने में मदद की। Nvidia के मजबूत अर्निंग्स गाइडेंस के बाद टेक शेयरों में तेजी ने वैश्विक बाजारों को पॉजिटिव मूड दिया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।
हैवीवेट स्टॉक्स से मिला अतिरिक्त सपोर्ट
इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को और गति दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,540.90 रुपये पर पहुंच गया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को मजबूत सपोर्ट मिला। UBS और मोतीलाल ओसवाल जैसे दिग्गज ब्रोकरेज हाउस ने रिलायंस पर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखते हुए इसके ऑयल-टू-केमिकल्स और नई ऊर्जा बिजनेस में सुधार की उम्मीद जताई। इन सकारात्मक रिपोर्टों ने निवेशकों को और प्रोत्साहित किया।
यह संपूर्ण माहौल संकेत देता है कि घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों से मिलने वाले समर्थन के कारण भारतीय बाजार में आगे भी स्थिरता के साथ बढ़त जारी रह सकती है।