Rudraksha पहनने से मिलती है सुख और शांति, जान लें इसे धारण करने करने के नियम, इन गलतियों से बिगड़ सकता है असर

हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। इसी वजह से रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को शिव का विशेष आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक ग्रंथों में यह भी बताया गया है कि रुद्राक्ष पहनने से जीवन में सुख, शांति और मानसिक संतुलन बढ़ता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके मन और शरीर दोनों को ऊर्जावान बनाता है।

रुद्राक्ष पहनने से मिलने वाले फायदे

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति का मन शांत रहता है और तनाव में कमी आती है। यह आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी मजबूत करता है। रुद्राक्ष को ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, जो शरीर को तरोताजा बनाए रखता है। कई लोग यह भी मानते हैं कि रुद्राक्ष पहनने से हृदय संबंधी बीमारियों, बीपी और शुगर जैसी समस्याओं में राहत मिलती है, हालांकि इन प्रभावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं माना गया है।

रुद्राक्ष पहनने से जुड़े जरूरी नियम

ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में रुद्राक्ष पहनने को लेकर कई नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि सोते समय शरीर को अशुद्ध माना जाता है, इसलिए रात में रुद्राक्ष उतार देना चाहिए। इसी तरह टॉयलेट या बाथरूम में रुद्राक्ष पहनकर नहीं जाना चाहिए, इसे बाहर उतारकर रखना चाहिए। साफ-सफाई को भी इसमें बहुत महत्वपूर्ण माना गया है- रुद्राक्ष को गंदे हाथों से छूना उचित नहीं माना जाता और स्नान के बाद ही इसे दोबारा धारण करना चाहिए।

महिलाएं और मासिक धर्म में रुद्राक्ष का नियम

अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या मासिक धर्म के दौरान रुद्राक्ष पहनना सही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि में रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए। यही नहीं, प्रसूति के बाद घर में सूतक लगने के समय भी रुद्राक्ष पहनकर वहां जाने की मनाही होती है। इसके पीछे धार्मिक पवित्रता के सिद्धांतों को आधार माना जाता है।

अन्य सावधानियाँ और व्यवहारिक निर्देश

रुद्राक्ष को बहुत पवित्र माना जाता है, इसलिए इसे मांस-मदिरा के सेवन के दौरान पहनना अनुचित माना गया है। ऐसी जगह भी न जाएं जहां इन चीजों का सेवन हो रहा हो। रुद्राक्ष को किसी के साथ शेयर करना या किसी और का रुद्राक्ष पहनना भी वर्जित माना गया है, क्योंकि इसे व्यक्ति की व्यक्तिगत आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। साथ ही, किसी की मृत्यु के बाद शोक सभा में जाते समय रुद्राक्ष उतारकर घर पर रखना भी जरूरी बताया गया है।

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra