दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर सक्रिय था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की ड्रग्स बरामद की है। यह गिरोह लंबे समय से शहरों में ड्रग्स सप्लाई कर रहा था और आगामी रेव पार्टियों में इसकी बड़ी खेप भेजी जानी थी।
चार आरोपी गिरफ्तार, साजिश की परतें खुलीं
पुलिस ने इस ऑपरेशन में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन को राजधानी दिल्ली से और एक को बेंगलुरु से दबोचा गया। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी नए साल से पहले तेजी से ड्रग्स तैयार कर अलग-अलग शहरों में भेजने की तैयारी में थे। पुलिस का मानना है कि ये लोग युवाओं को निशाना बनाकर रेव पार्टियों के जरिए नशा फैलाने का काम कर रहे थे।
चलते-फिरते ट्रक में बनी थी मोबाइल ड्रग्स फैक्ट्री
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह रही कि आरोपी ड्रग्स तैयार करने के लिए एक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चला रहे थे। यह यूनिट किसी इमारत में नहीं, बल्कि एक चलती फिरती ट्रक-लैब में बनाई गई थी, जिसे कहीं भी खड़ा कर कुछ ही घंटों में मेथाम्फेटामाइन तैयार की जा सकती थी। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि यह खेप विशेष रूप से नए साल की पार्टियों में सप्लाई करने के लिए तैयार की जा रही थी और इसका कनेक्शन विदेशों तक फैला हुआ है।
105 करोड़ की ड्रग्स जब्त, गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी
बरामद की गई ड्रग्स की कीमत 105 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, जो हाल के वर्षों में दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़ी गई सबसे बड़ी खेप में से एक है। पुलिस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के कारण इस गिरोह के कई और सदस्यों तक पहुंचने की संभावना है। विदेशी कनेक्शन, सप्लाई रूट और पैसों के लेनदेन की गहन जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने टीम को दी बधाई
दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता करार देते हुए स्पेशल सेल की टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राजधानी को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस का अभियान और तेज किया जाएगा। कमिश्नर के अनुसार, इस ऑपरेशन से नए साल की कई बड़ी रेव पार्टियों में होने वाली ड्रग्स सप्लाई पर पूरी तरह रोक लग गई है, जिससे युवाओं को नशे के जाल में फंसने से बचाया जा सका है।