हिंदू धर्म में सोना धन-समृद्धि, स्थिरता और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए हर व्यक्ति अपनी बचत का एक हिस्सा सोने के रूप में सुरक्षित रखना चाहता है। लेकिन कई घर ऐसे भी होते हैं जहां धन की तरह सोना भी स्थाई नहीं रहता। कभी सोना टूट जाता है, कभी गुम हो जाता है और कभी मजबूरी के कारण उसे बेचने की नौबत आ जाती है। यह केवल संयोग नहीं, बल्कि वास्तु और ऊर्जा संबंधी कारणों से भी जुड़ा हो सकता है।
वास्तु में सोने को लेकर विशेष मान्यताएँ
वास्तु शास्त्र में सोने को स्थायी संपत्ति का रूप माना गया है और इसे घर में उचित दिशा में रखना बहुत जरूरी बताया गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर में सोना टिकता नहीं, वहां किसी न किसी प्रकार की ऊर्जा असंतुलन या वास्तु दोष मौजूद होते हैं। यही कारण है कि परिवार की मेहनत से खरीदा गया सोना भी कई बार घर पर स्थाई रूप से नहीं रह पाता।
गंदगी और अव्यवस्था से धन का नाश
वास्तु शास्त्र स्पष्ट रूप से मानता है कि जिस घर में गंदगी, कचरा, टूटे बर्तन या लगातार अव्यवस्था रहती है, वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास बन जाता है। ऐसे स्थानों पर मां लक्ष्मी का टिकना कठिन होता है। जहां लक्ष्मी टिकती नहीं, वहां धन और सोना दोनों ही लंबे समय तक नहीं रुकते। इसलिए घर की नियमित सफाई और वस्तुओं की व्यवस्थित स्थिति समृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है।
गलत दिशा में रखा सोना देता है विपरीत परिणाम
वास्तु में दिशाओं का विशेष महत्व है। सोना या चांदी जैसी कीमती वस्तुओं को कभी भी दक्षिण दिशा या आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखने की मनाही है। इस दिशा में रखा धन स्थिर नहीं रहता और परिवार को आर्थिक अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। सोने को हमेशा उत्तर, उत्तर-पूर्व या तिजोरी के शुभ स्थान में रखना लाभदायक माना गया है।
उधार के पैसे से खरीदा सोना होता है अशुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उधार, कर्ज या ब्याज पर मिले पैसे से सोना खरीदना शुभ नहीं माना गया है। ऐसा सोना घर में समृद्धि नहीं लाता, बल्कि परेशानी बढ़ा सकता है। माना जाता है कि इस तरह खरीदा गया सोना टिकता नहीं और व्यक्ति को नुकसान या बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रह कमजोर हों तो सोना टिकना मुश्किल
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास बताते हैं कि यदि कुंडली में शुक्र और गुरु ग्रह कमजोर हों, तो घर में सोना टिकना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति सोना खरीद तो लेता है, लेकिन वह किसी न किसी कारण से खो जाता है, बिगड़ जाता है या बेचने की नौबत आ जाती है। ग्रहों की इस कमजोरी को दूर करने के लिए उचित ज्योतिषीय उपाय भी आवश्यक माने जाते हैं।