Bihar में डिप्टी सीएम पर बड़ा सस्पेंस, सम्राट या विजय सिन्हा नहीं? इस बार महिला को उपमुख्यमंत्री की कमान देने की तैयारी!

बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने एक तरफ सहयोगी दलों के साथ मंत्रालय के बंटवारे पर पहली दौर की बातचीत पूरी कर ली है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी अब अपने हिस्से के मंत्री पदों को लेकर गहन मंथन में जुट गई है. इस प्रक्रिया में सीटों, समीकरणों और आंतरिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए बीजेपी फिलहाल सबसे कठिन सवाल से जूझ रही है, नए उपमुख्यमंत्री कौन होंगे? मौजूदा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को दोबारा मौका मिलेगा या पार्टी किसी नए चेहरे को आगे लाएगी, यही अभी सबसे बड़ी राजनीतिक पहेली बनी हुई है.

उपमुख्यमंत्री पर पेचीदगी, समीकरणों का बड़ा रोल

पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इस बार बीजेपी अपने करीब 15 मंत्री पदों को जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक आधार पर संतुलित करने की तैयारी कर रही है. इसी कड़ी में डिप्टी सीएम पद पर भी बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है. चर्चा है कि पार्टी इस बार एक उपमुख्यमंत्री महिला और अतिपिछड़ा वर्ग से चुन सकती है, ताकि सामाजिक समीकरणों को और मजबूत संदेश मिल सके. दूसरी तरफ विजय सिन्हा को दोबारा उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर कयास कमजोर पड़ते दिख रहे हैं. हालांकि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दोनों ही अपने-अपने स्तर पर पद बनाए रखने की कोशिशों में जुटे हैं.

पीछे नहीं हट रहे दावेदार, सक्रियता बढ़ी

सियासत के इन उठापटक के बीच विजय सिन्हा हाल ही में संघ मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आरएसएस के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की. यह कदम उनके दावेदारी को बचाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. दूसरी ओर सम्राट चौधरी लगातार नीतीश कुमार और बीजेपी के केंद्रीय नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि वे पार्टी के भीतर अपनी मजबूत पकड़ का संकेत दे सकें. लेकिन अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में ही तय होगा.

19 नवंबर को विधायक दल का फैसला, 20 को शपथ

बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक 19 नवंबर को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में बुलाई गई है, जिसमें एक वरिष्ठ नेता को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भेजा जाएगा. इसी बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव भी किया जाएगा और उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर मुहर लगेगी. इसके अगले दिन यानी 20 नवंबर को दोपहर में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा.

जातीय संतुलन साधने की तैयारी

बीजेपी की कोशिश है कि मंत्रिमंडल में ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, कायस्थ के साथ यादव, कुर्मी, वणिक, दलित और अति पिछड़ा वर्ग को भी समान प्रतिनिधित्व मिले. इस ग्रैंड शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री और एनडीए के कई बड़े नेता उपस्थित रहेंगे. आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां जारी हैं, जिसके लिए बीजेपी महासचिव और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े पहले ही पटना पहुंच चुके हैं.

Rishabh Chhabra
Author: Rishabh Chhabra