आज के समय में प्लास्टिक हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है. चाहे प्लास्टिक की थाली हो, कप या कंटेनर. लोग इन्हीं में खाना खाते और चाय तक पीते हैं. ऑनलाइन फूड डिलीवरी के दौर में तो लगभग हर भोजन प्लास्टिक बॉक्स में ही आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सुविधा के साथ आपकी सेहत पर बड़ा खतरा भी मंडरा रहा है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्लास्टिक में खाना खाने से शरीर में हानिकारक केमिकल्स पहुंचते हैं, जो लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकते हैं.
कैंसर के बढ़ते मामले और खानपान की भूमिका
पिछले कुछ सालों में भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, साल 2024 में देश में करीब 14 लाख नए कैंसर मरीज सामने आए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बीमारी की बड़ी वजह गलत खानपान और आधुनिक खाने की आदतें हैं. लोग अब फास्ट फूड और पैक्ड फूड पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं. इन खाद्य पदार्थों में मौजूद केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं. वहीं, प्लास्टिक कंटेनर में पैक खाना गर्म होने पर और भी खतरनाक साबित हो सकता है.
क्या कहती है रिसर्च?
मैक्स अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर बताते हैं कि प्लास्टिक में खाना खाने से शरीर में कई हानिकारक केमिकल्स प्रवेश कर जाते हैं. एनसीबीआई (NCBI) में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जब प्लास्टिक के बर्तन में गर्म खाना रखा जाता है, तो उसमें से BPA (Bisphenol A) और Phthalates जैसे तत्व निकलने लगते हैं. ये केमिकल्स हमारे भोजन के साथ शरीर में पहुंच जाते हैं और हार्मोनल असंतुलन, मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी और कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं.
डॉक्टरों की सलाह – प्लास्टिक से दूरी बनाएं
डॉ. कपूर का कहना है कि हर व्यक्ति को खासतौर पर गर्म खाना प्लास्टिक में खाने से बचना चाहिए. अगर आप नियमित रूप से ऐसा कर रहे हैं, तो ये आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा हो सकता है. वे सलाह देते हैं कि खाने को हमेशा स्टील, कांच या मिट्टी के बर्तनों में ही रखें या गर्म करें. माइक्रोवेव में प्लास्टिक कंटेनर का उपयोग करने से भी बचें, क्योंकि इससे भी वही हानिकारक केमिकल्स निकलते हैं.
प्लास्टिक से परहेज ही बचाव
हालांकि हर बार प्लास्टिक में खाना खाने से कैंसर होना तय नहीं है, लेकिन इसका जोखिम जरूर बढ़ जाता है. खासकर उनके लिए जो लंबे समय तक ऐसा करते हैं. इसलिए बेहतर होगा कि आप प्राकृतिक और सुरक्षित बर्तनों का इस्तेमाल करें. थोड़ा ध्यान रखकर आप खुद को एक बड़ी बीमारी से बचा सकते हैं.