भारत की राजधानी दिल्ली और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दो दिन के भीतर हुए धमाकों ने दोनों देशों को हिला दिया है। दिल्ली में 10 नवंबर की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर एक कार ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि इस्लामाबाद में 11 नवंबर को जिला अदालत के बाहर हुए विस्फोट में 12 लोगों की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बीच कई समानताएं नजर आ रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
राजधानियों के दिल में हुआ हमला
दिल्ली का धमाका राजधानी के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इलाके में हुआ था- लाल किला और मेट्रो स्टेशन के पास। यहां रोज हजारों लोग आते-जाते हैं, और पास में कई बाजार और पर्यटन स्थल हैं। ठीक उसी तरह, इस्लामाबाद में विस्फोट अदालत परिसर के बाहर हुआ, जहां आम नागरिकों और वकीलों की भीड़ रहती है। दोनों धमाकों का लोकेशन बताता है कि हमलावरों ने जानबूझकर ऐसे इलाकों को चुना, जहां लोगों की संख्या ज्यादा हो और दहशत तेजी से फैले।
एक जैसी टाइमिंग, एक जैसा तरीका
दोनों हमले दिन के व्यस्त समय में हुए, जब सड़कों पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है। दिल्ली में कार ब्लास्ट हुआ, जबकि शुरुआती जांच के मुताबिक इस्लामाबाद में विस्फोट गैस सिलेंडर या आत्मघाती हमले से हुआ हो सकता है। हालांकि, दोनों घटनाओं में इस्तेमाल हुए विस्फोटक के पैटर्न और ब्लास्ट की तीव्रता को देखकर सुरक्षा एजेंसियां इनका आपसी कनेक्शन तलाश रही हैं।
जिम्मेदारी से अब तक परदा
अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इन दोनों धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। जांच एजेंसियां दोनों देशों में यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन हमलों के पीछे कोई साझा आतंकी नेटवर्क सक्रिय है। दिल्ली पुलिस, NIA और खुफिया एजेंसियों ने राजधानी के कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है, वहीं पाकिस्तान की जांच एजेंसियां भी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल की संभावना तलाश रही हैं।
दोनों देशों में अलर्ट का माहौल
धमाकों के बाद दिल्ली में सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। मेट्रो स्टेशनों, एयरपोर्ट और सार्वजनिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस्लामाबाद में भी अदालतों, संसद भवन और प्रधानमंत्री सचिवालय के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
साझा खतरे की ओर इशारा
दोनों देशों में इतने कम अंतराल में इस तरह के धमाके होना गंभीर चिंता का विषय है। अगर जांच में आतंकी साजिश की पुष्टि होती है, तो यह साफ होगा कि हमलावरों ने भीड़भाड़ और संवेदनशील जगहों को निशाना बनाकर अधिकतम नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। ऐसे में भारत और पाकिस्तान दोनों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र को और सशक्त करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।