Rajesh Khanna के आखिरी दिनों का दर्दनाक सच, प्रोड्यूसर्स को नजरअंदाज करने का था अफसोस; अकेले कटता था वक्त

राजेश खन्ना को हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में ऐसी लोकप्रियता और शोहरत हासिल की, जिसका उदाहरण आज भी दिया जाता है। एक समय ऐसा था जब उनकी फिल्मों के लिए सिनेमाघरों में भारी भीड़ उमड़ती थी। उनकी एक झलक पाने के लिए प्रशंसक बेताब रहते थे। लेकिन कामयाबी के इस शिखर पर पहुंचने वाले राजेश खन्ना ने जिंदगी के आखिरी दौर में अकेलापन भी देखा।


केसी बोकाडिया ने सुनाया किस्सा

अब फिल्ममेकर केसी बोकाडिया ने राजेश खन्ना के जीवन से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना को अपने पुराने प्रोड्यूसर्स को नजरअंदाज करने का पछतावा था। बोकाडिया ने उस मुलाकात को याद किया, जब राजेश खन्ना ने उन्हें अपने घर खाने पर बुलाया था। उस दौरान अभिनेता ने खुद उनके लिए पसंद का खाना भी बनाया था।

अपने हाथों से बनाया पसंदीदा खाना

केसी बोकाडिया ने बताया कि उस समय वह मद्रास में रहते थे। राजेश खन्ना ने उन्हें बड़े सम्मान के साथ घर बुलाया और कहा कि उनके लिए कढ़ी और गट्टे की सब्जी बनाई है। बोकाडिया के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनसे अपनी जिंदगी की एक बड़ी गलती का जिक्र भी किया था। उन्होंने माना था कि प्रोड्यूसर्स को नजरअंदाज करना उनकी भूल थी और अब उन्हें उसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

‘आज मुझे भी सजा मिल गई’

बोकाडिया ने इंटरव्यू में राजेश खन्ना के शब्दों को याद करते हुए बताया कि अभिनेता ने उनसे कहा था, ‘बोकाडिया साहब, मेरी ही गलती है। मैंने प्रोड्यूसर्स को इग्नोर किया ना, आज मुझे भी सजा मिल गई।’ बोकाडिया के अनुसार, राजेश खन्ना ने यह बात बेहद तकलीफ के साथ कही थी। उनके इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुराने रिश्तों को लेकर उनके मन में कितना पछतावा था।

ऑफिस में अकेले बिताते थे दिन

जब बोकाडिया से पूछा गया कि राजेश खन्ना को आखिर किस तरह की परेशानी थी, तो उन्होंने उनके अकेलेपन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अभिनेता के आखिरी दिनों में उनसे मिलने बहुत कम लोग आते थे। बोकाडिया के मुताबिक, लिंकिंग रोड स्थित उनके ऑफिस में वह पूरे-पूरे दिन अकेले खड़े रहते और सिगरेट पीते रहते थे। उनके आसपास लोगों की मौजूदगी नहीं होती थी।

17 हिट फिल्मों से बने सुपरस्टार

राजेश खन्ना ने 1969 से 1971 के बीच लगातार 17 हिट फिल्में देकर सुपरस्टार का दर्जा हासिल किया था। हालांकि, बाद के वर्षों में उनके करियर का दौर बदल गया। हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में देने वाले इस अभिनेता का 18 जुलाई 2012 को मुंबई में निधन हो गया। वह 69 साल के थे। उनके निधन की वजह कैंसर थी।

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Author: The Hindi Post